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कैमूर: सड़क दुर्घटना में शिक्षक सहित दो की मौत, शव गांव पहुंचते ही परिजनों में मचा कोहराम

BySumit Kumar

May 14, 2022

कैमूर जिले के दुर्गावती थाना क्षेत्र के आदर्श नुआव गांव निवासी शिक्षक पप्पू पासवान एवं राजू गुप्ता की सड़क दुर्घटना में उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के कमालपुर सकलडीहा रोड पर मौत हो गई. दोनों लोग चंदौली जिले के कमालपुर अपने रिश्तेदारी में बाइक से गए हुए थे. घर वापस लौटते समय जैसे ही उनकी बाइक कमालपुर सकलडीहा रोड पर पहुंची एक तेज रफ्तार आ रही बस ने बाइक में टक्कर मार दी. जिससे दोनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

मौके पर पहुंची पुलिस के द्वारा 2 घंटे के बाद घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया. जहां चिकित्सकों के द्वारा मृत घोषित कर दिया गया. घटना की सूचना मिलते ही मसौढ़ा पंचायत के मुखिया संजय कुमार सिंह उर्फ बब्बू एवं पूर्व जिला परिषद सदस्य आनंद सिंह परिजनों के साथ कमलापति त्रिपाठी जिला चिकित्सालय चंदौली पहुंचे जहां पर दोनों लोगों के शव को पोस्टमार्टम कराया गया. इसके बाद दोनों शव शनिवार को सुबह जैसे ही उनके पैतृक गांव पहुंचा. पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. बतातें चलें कि पप्पू पासवान प्राथमिक विद्यालय बड़हरा में शिक्षक थे. ये अपने पिता के जेष्ठ पुत्र हैं इनके ऊपर ही परिवार की पूरी जिम्मेदारी थी. इनके मौत से परिवार के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट गया है. मौके पर पहुंचे पूर्व जिला परिषद सदस्य आनंद कुमार सिंह ने उत्तर प्रदेश प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर प्रशासन तत्परता बरती होती तो शायद दोनो लोगों की जान बचाई जा सकती थी. क्योंकि दुर्घटना के बाद लगभग 2 घंटे तक दोनों युवा सड़क पर छटपटाते रहे और पुलिस वीडियो बनाने में लगी रही।

पुलिस के द्वारा इन्हें किसी साधन से हॉस्पिटल नहीं पहुंचाया गया. जब आसपास के ग्रामीणों ने पुलिस के इस रवैया को देखते हुए उग्र हुए तो पुलिस ने दोनों लोगों को लेकर वहां से कमलापति चिकित्सालय चंदौली पहुंची. तब तक दोनों युवाओं ने दम तोड़ दिया था. वहीं पंचायत के वर्तमान मुखिया संजय कुमार सिंह उर्फ बाबू ने कहा कि एक साथ गांव के 2 युवाओं को खोने से गांव में काफी दुख का माहौल है।

मुखिया संजय कुमार सिंह ने बताया कि दोनों होनहार युवा थे. इस घटना से मैं काफी स्तब्ध हूं. उन्होंने कहा कि दोनों लोग अपने पीछे छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं. दोनों लोगों के कंधे पर परिवार की जिम्मेदारी थी लेकिन आज दोनों लोग इस दुनिया में नहीं रहे. परिवार पर बहुत बड़ा दुख का पहाड़ टूट पड़ा है. मैं इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ हूं जो भी होगा मैं उनका सहयोग करूंगा।