किशनगंज: देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में मानी जाने वाली UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का परिणाम घोषित होते ही कई प्रेरणादायक कहानियां सामने आ रही हैं। इन्हीं में से एक कहानी बिहार के किशनगंज जिले की रहने वाली जूही की है, जिसने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपनी मेहनत और हिम्मत के दम पर सफलता हासिल कर ली।
किशनगंज के खगड़ा प्रेमपुल इलाके की निवासी जूही ने UPSC की फाइनल मेरिट लिस्ट में 649वीं रैंक हासिल की है। उनकी सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि इंटरव्यू से महज 10 दिन पहले उनके पिता का बीमारी के कारण निधन हो गया था।
दरअसल, जूही का UPSC इंटरव्यू 24 फरवरी को होना था, लेकिन 13 फरवरी को उनके पिता का देहांत हो गया। घर में शोक का माहौल था और परिवार गहरे सदमे में था। ऐसे मुश्किल समय में भी जूही ने हिम्मत नहीं हारी और अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए इंटरव्यू देने का फैसला किया।
भावनात्मक परिस्थितियों के बीच जूही ने 24 फरवरी को इंटरव्यू दिया। उनके मन में अपने पिता का सपना पूरा करने का जज्बा था। इसी दृढ़ निश्चय के साथ उन्होंने इंटरव्यू दिया और अंततः UPSC 2025 की अंतिम सूची में 649वीं रैंक हासिल कर सफलता प्राप्त की।
जूही की तैयारी की खास बात यह भी रही कि उन्होंने किसी बड़े कोचिंग संस्थान की मदद नहीं ली। उन्होंने मुख्य रूप से सेल्फ स्टडी के जरिए परीक्षा की तैयारी की। हालांकि तैयारी के दौरान वह कभी-कभी ऑनलाइन नोट्स का सहारा लेती थीं।
यह जूही का चौथा प्रयास था। इससे पहले दूसरे और तीसरे प्रयास में भी वह इंटरव्यू तक पहुंची थीं, लेकिन अंतिम चयन नहीं हो पाया था। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करती रहीं। आखिरकार चौथे प्रयास में उन्हें सफलता मिल गई।
शैक्षणिक रूप से भी जूही शुरू से ही मेधावी छात्रा रही हैं। उन्होंने वर्ष 2015 में 9.4 CGPA के साथ मैट्रिक पास किया। इसके बाद 2017 में विशाखापत्तनम के चैतन्य कॉलेज से 92 प्रतिशत अंकों के साथ इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। आगे की पढ़ाई उन्होंने कोलकाता से बी.टेक के रूप में पूरी की।
जूही की यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। उनकी कहानी संघर्ष, धैर्य और अपने लक्ष्य के प्रति अटूट विश्वास की मिसाल बन गई है।


