नरकटियागंज (पश्चिम चंपारण) | 26 फरवरी, 2026: पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज से एक ऐसी खबर आई है जहाँ शहनाइयों की गूँज अचानक चीख-पुकार में बदल गई। सिसवा गांव में मंगलवार की रात एक शादी समारोह के दौरान मामूली हंसी-मजाक ने ऐसा तूल पकड़ा कि शादी का मंडप रणक्षेत्र में तब्दील हो गया。 बात सिर्फ तू-तू मैं-मैं तक नहीं रुकी, बल्कि ग्रामीणों ने दूल्हे और बारातियों की जमकर पिटाई कर दी, जिससे दूल्हा गंभीर रूप से घायल हो गया है。
मजाक पड़ा भारी: मंडप बना ‘बैटलग्राउंड’
हादसे की शुरुआत शादी की रस्मों के बीच चल रहे हंसी-मजाक से हुई थी, लेकिन देखते ही देखते विवाद बढ़ गया。
- ग्रामीणों का गुस्सा: विवाद बढ़ने पर सिसवा गांव के लोग उग्र हो गए और उन्होंने बारातियों पर हमला बोल दिया。
- बंधक बनाने की कोशिश: ग्रामीणों ने न केवल दूल्हे और बारातियों को पीटा, बल्कि उन्हें बंधक बनाने का भी प्रयास किया。
- जान बचाकर भागे बाराती: हालात इतने बेकाबू हो गए कि दूल्हे और उसके साथ आए बारातियों को अपनी जान बचाने के लिए शादी का मंडप छोड़कर उल्टे पांव भागना पड़ा。
दूल्हे की हालत गंभीर, अस्पताल में भर्ती
इस मारपीट में दूल्हे को काफी गंभीर चोटें आई हैं। स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए उसे जीएमसीएच (GMCH) बेतिया रेफर कर दिया गया है。 फिलहाल दूल्हे का इलाज जारी है और शादी की खुशियां गम में बदल चुकी हैं。
VOB का नजरिया: क्या मजाक की कोई सीमा नहीं?
अक्सर शादियों में होने वाला हंसी-मजाक आपसी सौहार्द बढ़ाता है, लेकिन नरकटियागंज की यह घटना बताती है कि जब मजाक अपनी मर्यादा लांघ देता है, तो परिणाम कितने दुखद हो सकते हैं। एक मामूली विवाद ने न केवल दो परिवारों के रिश्तों को तोड़ दिया, बल्कि कानून-व्यवस्था को भी चुनौती दी। प्रशासन को चाहिए कि इस मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करे ताकि भविष्य में कोई और मंडप ‘मैदान-ए-जंग’ न बने।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


