गया में गरजे जीतन राम मांझी, बीजेपी पर लगाया बेईमानी का आरोप

गया। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने गया में आयोजित पार्टी कार्यक्रम के दौरान खुले मंच से अपने बेटे और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन को न सिर्फ समझाया, बल्कि आगामी राजनीतिक संघर्ष के लिए खुलकर तैयार रहने की सलाह भी दी। मांझी के तीखे बयान ने बिहार की सियासत में हलचल मचा दी है।

“मन छोटा मत करअ संतोष जी”

मंच से संबोधित करते हुए जीतन राम मांझी ने भावुक और आक्रामक अंदाज़ में कहा,
“मन छोटा मत करअ संतोष जी। जीतन राम मांझी के बाबू हलथी चरवाहा थे, और तोहर बाप आज केंद्रीय मंत्री है। बीजेपी से लड़ाई के लिए तैयार रहअ। बीजेपी बेईमानी कइलो है, अब तू इंकलाब जिंदाबाद करे ला तैयार रह।”

राज्यसभा सीट नहीं मिली तो गठबंधन तोड़ने का अल्टीमेटम

जीतन राम मांझी ने साफ शब्दों में कहा कि उनकी पार्टी को राज्यसभा की एक सीट चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव के दौरान बीजेपी ने राज्यसभा सीट देने का वादा किया था, लेकिन उसे पूरा नहीं किया गया।
मांझी ने चेतावनी देते हुए कहा,
“अगर इस बार राज्यसभा की सीट नहीं मिली तो हम गठबंधन तोड़ने के लिए तैयार हैं। जरूरत पड़ी तो मैं केंद्र सरकार में मंत्री पद भी छोड़ दूंगा।”

बीजेपी पर बेईमानी का आरोप

मांझी ने बीजेपी पर लगातार दो चुनावों में धोखा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकसभा और विधानसभा—दोनों चुनावों में उनकी पार्टी को कम आंका गया।
“हमको कम समझा गया, यही आपकी सबसे बड़ी गलती है। अगर ये गलती फिर दोहराई गई, तो हम भी अलग रास्ता अपनाने के लिए तैयार हैं,” मांझी ने कहा।

संतोष सुमन को खुला संदेश

जीतन राम मांझी ने अपने बेटे से कहा कि राजनीति में टिके रहने के लिए जोखिम उठाना जरूरी है
उन्होंने कहा,
“राजनीति करना है तो मन मजबूत कीजिए, रिस्क लीजिए। आपके पीछे आपका बाप है, जो भारत सरकार का मंत्री है। कमजोर मत पड़िए।”

100 सीटों की तैयारी का आह्वान

मांझी ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेतृत्व से कहा कि अब सिर्फ 5 या 10 सीटों की राजनीति से बाहर निकलना होगा।
उन्होंने कहा,
“अगर बीजेपी पांच सीट की बात करे, तो आप क्या करेंगे? तैयारी रखिए कि हम कम से कम 100 सीट लड़ेंगे। 6 फीसदी वोट या 10-15 सीट मिलते ही पार्टी को मान्यता मिल जाएगी।”

पार्टी फंड को लेकर भी दिया बड़ा बयान

मांझी ने मंच से कहा कि उन्हें सांसद के तौर पर मिलने वाले फंड और कथित कमीशन का पैसा भी पार्टी को देने में कोई आपत्ति नहीं है।
उन्होंने कहा,
“अगर पार्टी को जरूरत होगी तो इस साल भी पैसा दूंगा। मुझे पैसा नहीं चाहिए, पार्टी मजबूत होनी चाहिए।”

“अलग झंडा लेकर चलने के लिए तैयार रहिए”

जीतन राम मांझी ने दावा किया कि उनकी पार्टी का वोट बैंक पूर्णिया, मुंगेर, भागलपुर से लेकर बेतिया तक फैला है।
उन्होंने कहा,
“अब तय करना होगा कि अगला चुनाव हम 100 सीट पर लड़ेंगे। अगर नहीं मिला, तो इंकलाब जिंदाबाद करने के लिए तैयार रहिए।”

नए जातीय समीकरण का दावा

मांझी ने कहा कि उनके पास करीब 5 फीसदी वोट उनकी जाति का है और इसके अलावा अन्य जातियों को भी उन्होंने अपने साथ जोड़ा है।
उन्होंने कहा कि हम पार्टी में मुसहर समाज के साथ-साथ अन्य वर्ग भी मजबूती से जुड़े हैं और पार्टी का सामाजिक आधार लगातार मजबूत हो रहा है।


 

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