जीतनराम मांझी ने माना नल जल योजना में हुई है गड़बड़ी

एनडीए के घटक दल हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा  के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने दावा किया है कि उनका गठबंधन बिहार विधानसभा चुनाव में 200 से ज्यादा सीटें जीतेगा। मीडिया से बात के दौरान सबसे बड़ी बात यह रही कि जीतन राम मांझी ने भी माना कि ‘नल जल’ योजना और 7 निश्चय के क्रियान्वयन में कुछ गड़बड़ी हुई है। हालांकि उन्होंने जन सहयोग से इसे ठीक करने लेने की बात भी कही।

एलजेपी प्रमुख चिराग पासवान की ओर से इन्हीं मुद्दों पर सवाल उठाने पर मांझी ने कहा कि चुनाव से ठीक पहले उन्हें ये बातें क्यों याद आ गईं। अगर उन्हें इसपर सवाल ही उठाना था तो उन्होंने दो साल या पांच साल पहले क्यों नहीं बोला। इस दौरान मांझी ने अपनी तरफ से ये भी तर्क दिया कि उन्होंने अपनी समधिन और दामाद को क्यों टिकट दिया है। आइए इंटरव्यू के दौरान पूछे गए सवाल और उनके जवाब जानते हैं।

सवाल: बिहार चुनाव में हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) और एनडीए को कितनी सीटें आ रही हैं?

जीतन राम मांझी: हम के बारे में कुछ नहीं बोल सकते हैं। जहां तक एनडीए की बात है तो विपक्ष में कोई विकल्प नहीं है उसे देखते हुए हम 200 सीट जीतेंगे।

सवाल: तेजस्वी यादव तो कह रहे हैं कि इस बार चाचा नीतीश साफ हैं?

जीतन राम मांझी: कहने का क्या है, कुछ लोग तो कहकर दुनिया को भी उड़ा देते हैं। लेकिन इससे काम नहीं चलता है, मिसाइल काहे बना है। एटम बम काहे बना है। उसी प्रकार वो लोग कुछ कह देना चाहते हैं। मनोरंजन कर देना चाहते हैं। आखिर क्यों उनको वोट देगा। इसलिए की 2005 के पहले अपहरण का उद्योग चल रहा था।

लॉ एंड ऑर्डर के नाम पर कुछ नहीं था। जिस रोजगार की बात कह रहे हैं उनके मां-पिताजी से सब लोग तबाह थे। नरसंहार हो रहा था। 2005 के बाद इस तरह की बातें नहीं हो रही हैं। मान लेते हैं कि सारा काम ठीक नहीं हो पाया, लेकिन काम की ओर अग्रसर हैं, प्रयास जारी है। उसका असर दिख रहा है।

7 निश्चय पार्ट 2 की बात जो की है वह भी काबिलेतारीफ है। हम 1980 से विधायक हैं, उनके पापा की सरकार थी तो कितनी बिजली की खपत थी। कितनी बिजली का उत्पादन किए थे। बहुत ना बहुत 1200-1300 मेगावाट बिजली का उत्पादन था। आज करीब छह हजार मेगावाट बिजली आती है।

बोध गया में चौबीसो घंटे बिजली मिलती है। फिर रोड का जाल बिछा है। करीब 95 फीसदी गांव ऐसा है जहां रोड जा चुकी है। बाकी फिर अगली बार होगा। जहां तक नल-जल योजना में कुछ गड़बड़ी की बात की जा रही है, उसे मैं भी मानता हूं। लेकिन ये गड़बड़ी नीतिगत फैसलों में नहीं है।

क्रियान्वयन में गड़बड़ी हैं। इसे सामाजिक सौहार्द्र बनाकर दूर किया जा सकता है। ये तो विरोधियों का भी दायित्व बनता है कि वह इसमें सहयोग करके अच्छे काम को आगे ले जाएं। ये लोग केवल अखबारी लाल हैं। केवल सोशल मीडिया में काम करते हैं।

सवाल: आप पूर्व सीएम हैं। तेजस्वी यादव हर सभा में कह रहे हैं कि वह सीएम बने तो पहली कैबिनेट की बैठक में 10 लाख लोगों को रोजगार देंगे। पूर्व सीएम होने के नाते यह दावा कितना तार्किक है?

जीतन राम मांझी: सरकारी नौकरी 10 लाख कहां है। आज बिहार में सवा चार लाख से साढ़े चार लाख सरकारी नौकरी है। इसमें से एकाध लाख खाली है। अगर वह 10 लाख नई नौकरी देते हैं और अभी का 5 लाख मिला लीजिए तो कुछ 15 लाख हो गया। इतनी नौकरी बिहार के किस महकमे में है। अगर वह 10 लाख लोगों को नौकरी देते हैं तो 60 हजार करोड़ रुपये खर्च होगा।

अभी 57 हजार करोड़ रुपये वेतन में खर्च हो रहे हैं। सब मिलाकर एक लाख 17 हजार करोड़ रुपये हुआ। बिहार का बजट ही कितना है सवा 2 लाख करोड़ रुपये। तो क्या वह एक लाख करोड़ रुपये में बिहार का विकास कर देंगे। मैं मानता हूं कि बेरोजगारी है।

इतनी बारीक बात को लोग नहीं समझेंगे, इसलिए वह भ्रम फैला रहे हैं। क्या कैबिनेट के फैसले से नौकरी होती है। वैकेंसी डिपार्टमेंट से मांगे जाते हैं, फिर बिहार सर्विस कमीशन से मंजूरी मिलती है इत्यादि कई प्रक्रियाएं हैं। यही कहूंगा कि बिहार में कुल 15 लाख नौकरी है ही नहीं तो देंगे कहां।

सवाल: तेजस्वी जैसे ही 10 लाख नौकरी की बात रैलियों में करते हैं बड़ी तालियां बजती है?

जीतन राम मांझी: जो आदमी जॉब चाह रहा हो और इस प्रकार की बात सुनता है, तो उसको अच्छा लगेगा ही। लेकिन जब लोग बात समझेंगे तब तालियों के साथ कुछ और भी मिलेगा। वो जनता को भ्रम में डालने में सफल हो रहे हैं। हम लोग बार-बार कह रहे हैं कि यह संभव नहीं है। बीजेपी और जेडीयू के लोग नौकरी के बजाय नियोजन देने की बात कह रहे हैं, हर खेत को पानी देने की बात कह रहे हैं, खेती के साथ पशुपालन भी है, मत्स्य पालन भी है।

जैसे पुराने जमाने में था धन धान्य से परिपूर्ण समाज, उस जमाने में मल्टी नेशनल कंपनियां नहीं थी। तब भी सब लोगों को नियोजन मिलता था। छोटे-छोटे उद्योग और मध्यम उद्योग को बढ़ाना होगा। किसान को लाभप्रद खेती खेती के लिए प्रोत्साहित करना होगा, तब 10 लाख क्या 25 लाख को भी रोजगार दिया जा सकता है।

सवाल: अभी आपने ‘नल जल’ योजना की बात की। आपके सहयोगी रहे चिराग पासवान भी इसी योजना और 7 निश्चय में गड़बड़ी की बात कह रहे हैं। साथ ही वह कह रहे हैं कि 10 नवंबर के बाद बीजेपी+एलजेपी की सरकार बनेगी, आप इसे कैसे देखते हैं?

जीतन राम मांझी: अंगूर खट्टे होते हैं ये कहावत भी आपने सुनी होगी। पांच साल कर जोड़कर सरकार में रहे। दो महीने में क्या बिगड़ गया कि उन्हें नीतीश कुमार की कमियां नजर आने लगी।

सवाल: पीएम मोदी ने आज रैलियों में रामविलास पासवान को याद किया लेकिन चिराग पासवान का नाम नहीं लिया और ना ही सीध अटैक किया, आप इसे कैसे लेते हैं?
जीतन राम मांझी: हर बात का जवाब नहीं दिया जाता है। जिसका जवाब देना होता है उसी का जवाब दिया जाता है। इसका मतलब ये नहीं है पीएम मोदी चिराग का समर्थन कर रहे होंगे। अगर ऐसी बात होती तो वे नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाने की बात क्यों करते। पीएम ने ये नहीं कहा कि नीतीश कुमार खराब आदमी हैं।

सवाल: चिराग कहते हैं कि वह मोदी के हनुमान हैं?

जीतन राम मांझी: उन्हें लग चुका है कि वह जनता को नहीं रिझा पाएंगे, इसलिए नाम का सहारा ले रहे हैं। उन्हें लगता है कि शायद नीतीश कुमार का नाम लेने से कुछ वोट मिल जाएगा, लेकिन यह हताशा दर्शाता है।

सवाल: आपने माना की ‘नल जल’ में कुछ तो भ्रष्टाचार हुआ है। यही बात तो वह उठा रहे हैं?

जीतन राम मांझी: ये बात वह पांच साल पहले या दो साल पहले क्यों नहीं उठा रहे थे। गंगा जब गंगोत्री से निकलती है तो विशुद्ध होती है, लेकिन बंगाल की खाड़ी जाते जाते पूरी तरह गंदी हो जाती है। उसी प्रकार से देखना चाहिए कि कोई काम है तो वह सैद्धांतिक रूप में ठीक है की नहीं है। आप हर दूसरे गांव में देखेंगे की टॉवर बना हुआ है और पानी मिल रहा है।

यह ठीक बात है कि कुछ गड़बड़ी हुई है। जो ठेकेदार होता है घटिया किस्म का पाइप लगा देता है, जिस दूरी तक जाना होता है वह नहीं होता है। ये सब जन सहयोग से भी ठीक हो सकता है। पदाधिकारियों को सही दिशा निर्देश देकर और हार्ड एक्शन लेकर भी ठीक किया जा सकता है। इसलिए हम मानते हैं कि खामियां है लेकिन उसे दूर किया जा सकता है।

सवाल: आपने 7 सीटों में कुछ अपने करीबी रिश्तेदारों को टिकट दिया है, इसलिए आप पर भी वंशवाद के आरोप लग रहे हैं, इसपर आप क्या कहेंगे?

जीतन राम मांझी: टिकट देने का किसी भी स्तर पर विरोध नहीं हुआ है। पता नहीं आप लोग हमेशा इसी इश्यू पर क्यों बात करते हैं, यह कोई इश्यू नहीं है। हम ईमानदारी से कहते हैं, बाराचटी से हमने अपनी समधिन को टिकट दिया है। वह पूर्व विधायक हैं। नीतीश कुमार ने ही उन्हें टिकट दिया था क्योंकि वह श्रीविधि की विशेषज्ञ हैं। वह साड़ी समेटकर अभी भी धान रोपती हैं।

जहां फसल एक गुणा होता है वहां वह 10 गुणा उपजाकर दिखाती हैं। इस लाइन पर नीतीश कुमार ने उन्हें टिकट दिया था। जब नीतीश कुमार ने जाना कि वह हमारी समधिन हैं तो हमको उलाहना दिए कि जीतन जी आपने तो कभी कहा नहीं उनके बारे में। तो मैंने कहा कि क्यों कहते। बीच में 2015 में उनको टिकट नहीं मिला तो क्या मैंने उनको समधिन के चलते टिकट दिया है।

अगर हमको अनुसूचित जाति को कोई और कार्यकर्ता मिलती तो हम उसको ही देते, लेकिन कोई मिला ही नहीं। मकदुमपुर से हमारा दामाद लड रहा है। वह कोई 7वां या 8वां पास नहीं है। वह मैकेनिकल इंजीनियर है। 15 साल पहले मैंने उसको जॉब पर भी रखवा दिया था, लेकिन उसने जॉब छोड़ दिया है। फिर उसने मानवाधिकार में काम किया।

जब से हमारी पार्टी बनी है तब वह एक चपरासी के रूप में काम कर रहा है। कंप्यूटर का काम हो चाहे कोई और काम हो। अगर एक मुसहर का लड़का एम्प्लायड ना हो तो उसको ऐसे ही छोड देंगे तो समाज में क्या संदेश जाएगा। कोई अपने बाल-बच्चों को नहीं शिक्षा देगा। हमने उसको उसके न्योछावर और कार्य प्रणाली को देखकर टिकट दिया है।

वंशवाद के चलते टिकट देता तो बेटा प्रवीण को देता, भतीजा को टिकट देता। लोगों ने मुझे बेटे को टिकट देने को कहा, तब मैंने कहा कि बेटे का कोई राजनीतिक जीवन नहीं है, लेकिन दामाद का है। अगर यह वंशवाद है तो जयप्रकाश नारायण और रामविलास पासवान से ये सवाल क्यों नहीं पूछा जाता है।

सवाल: मैं कई जगहों से घूमकर आया हूं, लग रहा था कि नीतीश कुमार के 15 साल के शासन को लेकर एंटी इनकंबेंसी है, लगता है कि पीएम मोदी की रैली के बाद हालात सुधरेंगे?

जीतन राम मांझी: निश्चित रूप से पीएम मोदी ने आकर जब बातें कह दी है तो नीतीश कुमार के कामों पर लोगों का फोकस बढ़ेगा। समाज पर इसका असर होगा कि जेडीयू के लोग जो बातें बोलते रहे हैं उसमें सच्चाई है तभी तो पीएम ने वह बातें की हैं। एनडीए के हित में प्रधानमंत्री का आना बहुत सार्थक हुआ। इसका दूरगामी परिणाम होगा, एनडीए के लोग निश्चित तौर से 200 सीट जीतेंगे।

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