
जहानाबाद, 18 मई 2026: बिहार के जहानाबाद जिले में एक बुजुर्ग महिला की निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया है। भाजपा नेता की 70 वर्षीय चाची का शव उनके घर में खून से लथपथ हालत में मिलने के बाद गांव में सनसनी फैल गई। घटना कल्पा थाना क्षेत्र के कामदेव बिगहा गांव की बताई जा रही है, जहां अज्ञात बदमाशों ने महिला की हत्या कर दी। शुरुआती जांच में लूटपाट की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है और अपराधियों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है।
मृत महिला की पहचान रामकुमारी देवी के रूप में हुई है। वह भाजपा से जुड़े स्थानीय नेता और ठेकेदारी व्यवसाय से जुड़े सत्येंद्र सिंह उर्फ कारू सिंह की चाची थीं। घटना के बाद परिजनों के साथ-साथ पूरे गांव में मातम का माहौल है। स्थानीय लोग इस वारदात को लेकर बेहद आक्रोशित हैं और इलाके की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, रामकुमारी देवी घर में अकेली रहती थीं। उनकी कोई संतान नहीं थी और पति की मृत्यु के बाद वह लंबे समय से गांव में अकेले जीवन गुजार रही थीं। आसपास के लोग समय-समय पर उनका हालचाल लेते रहते थे। रविवार की सुबह जब उनके घर काम करने वाली महिला पहुंची तो काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। शुरुआत में लोगों को लगा कि शायद महिला की तबीयत खराब हो गई होगी या वह सो रही होंगी, लेकिन जब काफी देर तक कोई जवाब नहीं आया तो संदेह बढ़ गया।
इसके बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घर के अंदर जाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि कुछ लोग छत के रास्ते घर में दाखिल हुए। अंदर का दृश्य देखकर सभी के होश उड़ गए। कमरे में रामकुमारी देवी का शव खून से लथपथ पड़ा हुआ था। घर का सामान भी बिखरा हुआ मिला, जिससे यह आशंका और मजबूत हो गई कि बदमाश लूटपाट के इरादे से घर में घुसे थे और विरोध करने पर महिला की हत्या कर दी।
घटना की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। लोगों ने तुरंत इसकी सूचना कल्पा थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे घर को घेरकर जांच शुरू की गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को भी जांच में लगाया है। विशेषज्ञों द्वारा घर के अंदर और आसपास से कई अहम साक्ष्य जुटाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बदमाश कितनी संख्या में थे, घर में किस रास्ते से दाखिल हुए और वारदात के बाद किस दिशा में फरार हुए।
जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि घर के भीतर संघर्ष के भी कुछ संकेत मिले हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि महिला ने बदमाशों का विरोध किया होगा, जिसके बाद अपराधियों ने उनकी हत्या कर दी। हालांकि पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों की स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
सदर एसडीपीओ मनीष चंद्र चौधरी ने बताया कि पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है और कई बिंदुओं पर गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और गांव में आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना के समय घर में कौन-कौन मौजूद था और क्या किसी ने रात में किसी संदिग्ध गतिविधि को देखा था। गांव के कई लोगों से पूछताछ की गई है। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है ताकि अपराधियों की पहचान हो सके।
घटना के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। भाजपा नेताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने घटना पर दुख जताते हुए अपराधियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। कई नेताओं ने कहा कि राज्य में अपराध लगातार बढ़ रहा है और अब अपराधी राजनीतिक परिवारों से जुड़े लोगों को भी निशाना बनाने लगे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गांव और आसपास के इलाकों में हाल के दिनों में चोरी और आपराधिक घटनाओं में वृद्धि हुई है। ग्रामीणों ने पुलिस गश्त बढ़ाने और रात के समय सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। लोगों का आरोप है कि अपराधियों में पुलिस का डर कम होता जा रहा है, जिसके कारण ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
इधर, रामकुमारी देवी की हत्या के बाद परिवार के लोग गहरे सदमे में हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव की महिलाएं और आसपास के लोग लगातार मृतका के घर पहुंच रहे हैं। पूरे इलाके में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम कुछ संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर नजर रख रही है। तकनीकी जांच के साथ-साथ मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी मदद ली जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि अकेले रहने वाले बुजुर्ग लोग अपराधियों के आसान निशाने बनते जा रहे हैं। ऐसे मामलों में सुरक्षा और निगरानी की कमी अपराध को बढ़ावा देती है। यही वजह है कि प्रशासन अब गांवों में भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत पर जोर दे रहा है।
फिलहाल पुलिस की कई टीमें अलग-अलग दिशाओं में जांच कर रही हैं। गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और लोग इस हत्याकांड से डरे हुए हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि अपराधियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाएगा।


