जन सुराज ने जारी की 20 स्टार प्रचारकों की लिस्ट, प्रशांत किशोर का नाम सबसे नीचे

बिहार में चार सीटों (तरारी, रामगढ़, बेलागंज, इमामगंज) पर हो रहे विधानसभा उप चुनाव में प्रचार-प्रसार के लिए जन सुराज पार्टी (जसुपा) ने अपने स्टार प्रचारकों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में 20 नेताओं के नाम हैं, जिनमें कार्यकारी अध्यक्ष मनोज भारती का नाम सबसे नीचे है।

लिस्ट में प्रशांत किशोर का नाम सबसे नीचे

सूत्रधार प्रशांत किशोर (पीके) का नाम सबसे नीचे दर्ज है। इसके साथ जसुपा ने सभी चार विधानसभा क्षेत्रों के लिए चुनाव समिति का भी गठन किया है, जिसमें 25-25 सदस्य सम्मिलित किए गए हैं। चुनाव समिति में संबंधित विधानसभा क्षेत्र के गृह जिला के अलावा प्रदेश के दूसरे जिलों का भी प्रतिनिधित्व है।

जन सुराज ने जारी की 20 स्टार प्रचारकों की लिस्ट, प्रशांत किशोर का नाम सबसे नीचे

प्रो. केसी सिन्हा, छैला बिहारी, आनंद मिश्रा समेत कई दिग्गज लिस्ट में

स्टार प्रचारकों में दूसरे दलों से आए राजनीति के पुराने चेहरे हैंं तो अपने पेशे में ख्यातिलब्ध हस्तियां भी। सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल एसके सिंह, प्रो. केसी सिन्हा (KC Sinha), वाईवी गिरि, आनंद मिश्रा, सुनील कुमार सिंह उर्फ छैला बिहारी (Chhaila Bihari) स्टार प्रचारक बनाए गए हैं।

इस सूची में दो महिलाएं विनीता विजय और अनुराधा यादव भी हैं। इनके साथ पूर्व केंद्रीय मंत्री देवेंद्र प्रसाद यादव, सीताराम यादव, डा. एजाज अली, दुर्गा प्रसाद सिंह, मुनाजिर हसन, बसंत चौधरी, संतोष महतो, रामबली चंद्रवंशी, सकल देव सहनी, वसीम नय्यर अंसारी और आजम हुसैन अनवर बतौर स्टार प्रचारक जसुपा के प्रत्याशियों की जीत के लिए प्रचार-प्रसार करेंगे।

बिहार की 2 सीटों पर प्रशांत किशोर ने बदले उम्मीदवार

बता दें कि प्रशांत किशोर ने बिहार की दो सीट तरारी और बेलागंज में उम्मीदवार बदल दिया है। तरारी से एसके सिंह की जगह किरण सिंह को टिकट मिला है तो वहीं बेलागंज में प्रोफेसर खिलाफत हुसैन को टिकट दिया गया।

तरारी में क्यों फंसा पेंच

बताया गया कि तरारी के ही करथ गांव निवासी सेवानिवृत्त उप सेना प्रमुख एसके सिंह का नाम बिहार में किसी भी जगह वोटर लिस्ट में नहीं है। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार, विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए उस राज्य के किसी क्षेत्र का मतदाता होना जरूरी है। ऐसे में प्रशांत किशोर की रणनीति को बड़ा झटका माना जा रहा है। सवाल उठ रहा है कि आखिर प्रशांत किशोर इतने बड़े रणनीतिकार होने के बावजूद प्रत्याशी के बैकग्राउंड को चेक नहीं किया।

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