
जमुई। बिहार के जमुई जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां गरही डैम में नहाने के दौरान दो युवकों की डूबकर मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब एक युवक गहरे पानी में फंस गया और उसे बचाने के लिए उसका दोस्त बिना सोचे-समझे पानी में कूद पड़ा। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था—दोनों ही पानी की गहराई में समा गए और वापस जिंदा नहीं लौट सके। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, नवादा जिले के कौआकोल थाना क्षेत्र के इतपकवा गांव के रहने वाले छह युवक शनिवार को घूमने के लिए जमुई के खैरा थाना क्षेत्र स्थित गरही डैम पहुंचे थे। सभी दोस्त पिकनिक के मूड में थे और हंसी-मजाक करते हुए डैम के किनारे समय बिता रहे थे। मौसम भी सुहावना था, ऐसे में कुछ युवकों ने डैम में नहाने का फैसला किया।
नहाने के दौरान अचानक 18 वर्षीय मो. अफजल अंसारी गहरे पानी में चला गया। शुरुआत में दोस्तों को लगा कि वह मजाक कर रहा है, लेकिन कुछ ही सेकंड में उसकी हालत बिगड़ने लगी और वह पानी में डूबने लगा। यह देख वहां मौजूद उसके दोस्त घबरा गए।
अफजल को डूबता देख 21 वर्षीय मो. समीर अंसारी ने बिना एक पल गंवाए उसे बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी। समीर को तैरना आता था और उसने पूरी कोशिश की कि वह अपने दोस्त को बाहर निकाल सके। लेकिन डैम का पानी काफी गहरा था और वहां तेज ढलान भी था, जिसकी वजह से समीर खुद भी संतुलन खो बैठा।
देखते ही देखते दोनों युवक पानी के भीतर गायब हो गए। यह मंजर उनके साथ आए दोस्तों के सामने ही हुआ, जिससे वे बुरी तरह घबरा गए। मौके पर मौजूद मो. शाहबाज, मो. आदिल और मो. अयान ने तुरंत शोर मचाया और मदद के लिए पुकारा।
उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग और नाविक मौके पर पहुंचे। तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। स्थानीय गोताखोरों और नाविकों ने करीब एक घंटे तक लगातार पानी में खोजबीन की। काफी मशक्कत के बाद दोनों युवकों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दोनों की सांसें थम चुकी थीं।
इस घटना के बाद वहां मौजूद लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही देर में डैम के पास भारी भीड़ जमा हो गई। हर कोई इस हादसे से स्तब्ध था और मृतकों के परिजनों के बारे में सोचकर दुखी नजर आ रहा था।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। साथ ही, मृतकों के परिवार वालों को सूचना दी गई। जैसे ही यह खबर उनके गांव पहुंची, वहां मातम छा गया।
बताया जा रहा है कि दोनों युवक आपस में काफी करीबी दोस्त थे। अफजल और समीर अक्सर साथ ही रहते थे और एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ खड़े रहते थे। समीर ने जिस तरह अपने दोस्त को बचाने के लिए अपनी जान की परवाह नहीं की, वह दोस्ती की एक मिसाल तो बन गया, लेकिन अंत बेहद दुखद रहा।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में हर आंख नम है और हर कोई इस दर्दनाक घटना की चर्चा कर रहा है। लोगों का कहना है कि अगर डैम के पास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम होते या गहराई को लेकर चेतावनी दी गई होती, तो शायद यह हादसा टल सकता था।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाए। डैम या नदी जैसे जलाशयों के किनारे चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और लाइफगार्ड की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर इसे एक दुर्घटना माना जा रहा है, लेकिन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
यह घटना एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करती है कि पानी के स्रोतों के पास थोड़ी सी लापरवाही भी कितनी भारी पड़ सकती है। खासकर युवाओं को ऐसे स्थानों पर सतर्क रहने और बिना जानकारी के गहरे पानी में जाने से बचने की जरूरत है।
गरही डैम में हुई इस दर्दनाक घटना ने दो परिवारों से उनके जवान बेटे छीन लिए और पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया। यह हादसा न केवल एक त्रासदी है, बल्कि एक चेतावनी भी है कि जिंदगी से बढ़कर कुछ भी नहीं, और सुरक्षा के प्रति थोड़ी सी भी लापरवाही कभी-कभी जानलेवा साबित हो सकती है।


