जमालपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित हुआ ‘शंटिंग मेला’, सुरक्षित रेल परिचालन को लेकर कर्मचारियों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

रेलवे में सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मालदा मंडल ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। रेल परिचालन को और अधिक सुरक्षित तथा व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से जमालपुर रेलवे स्टेशन के कोचिंग यार्ड में विशेष “शंटिंग मेला” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रेल कर्मचारियों के बीच सुरक्षित शंटिंग प्रक्रियाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना और निर्धारित परिचालन नियमों के पालन को सुनिश्चित करना था।

रेलवे प्रशासन का मानना है कि ट्रेनों के सुरक्षित संचालन में शंटिंग कार्य की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। यार्ड क्षेत्र में ट्रेनों और कोचों की आवाजाही के दौरान जरा सी लापरवाही भी दुर्घटनाओं, परिचालन बाधाओं या बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए मालदा मंडल द्वारा इस विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें रेलवे के विभिन्न परिचालन विभागों से जुड़े कर्मचारियों ने भाग लिया।

जमालपुर रेलवे स्टेशन के कोचिंग यार्ड में आयोजित इस कार्यक्रम में सहायक लोको पायलट, शंटमैन, शंटर, प्वाइंट्समैन और यार्ड संचालन से जुड़े अन्य कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान रेलवे अधिकारियों ने कर्मचारियों को सुरक्षित शंटिंग प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी और उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया।

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि शंटिंग रेलवे परिचालन की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से ट्रेनों के डिब्बों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाया जाता है, उन्हें अलग किया जाता है अथवा नई रेक तैयार की जाती है। यह कार्य रेलवे यार्ड में नियमित रूप से किया जाता है और इसमें सुरक्षा मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक होता है।

कार्यक्रम के दौरान सहायक परिचालन प्रबंधक (सुरक्षा), स्टेशन अधीक्षक, यातायात निरीक्षक और अन्य सुरक्षा अधिकारियों ने कर्मचारियों को विभिन्न सुरक्षा प्रक्रियाओं का प्रदर्शन करके दिखाया। अधिकारियों ने वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप प्रशिक्षण देकर कर्मचारियों को बताया कि किस प्रकार छोटी-छोटी सावधानियां बड़ी दुर्घटनाओं को रोक सकती हैं।

शंटिंग मेले के दौरान हाथ संकेतों और झंडी संकेतों के सही उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। रेलवे परिचालन में संकेतों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। गलत संकेत या संकेतों की अनदेखी से गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं। इसलिए कर्मचारियों को संकेतों के सही अर्थ और उनके उपयोग के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

इसके अलावा क्लैम्पिंग प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया। अधिकारियों ने बताया कि यार्ड में खड़े कोचों और वैगनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्लैम्पिंग प्रक्रिया का सही तरीके से पालन किया जाना आवश्यक है। यदि इस प्रक्रिया में किसी प्रकार की चूक होती है तो कोचों की अनियंत्रित गति दुर्घटना का कारण बन सकती है।

कार्यक्रम में प्वाइंट संचालन की प्रक्रिया पर भी विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। रेलवे ट्रैक बदलने की प्रक्रिया में प्वाइंट्स की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। कर्मचारियों को बताया गया कि प्वाइंट बदलते समय किन-किन सावधानियों का पालन करना चाहिए और किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या की स्थिति में क्या कदम उठाए जाने चाहिए।

सुरक्षित संचार व्यवस्था को भी शंटिंग मेले का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया। अधिकारियों ने कर्मचारियों को बताया कि यार्ड संचालन के दौरान विभिन्न विभागों और कर्मचारियों के बीच स्पष्ट और प्रभावी संवाद कितना आवश्यक है। कई बार संचार में हुई छोटी गलती भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इसलिए कर्मचारियों को निर्धारित संचार प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया। कर्मचारियों को वास्तविक परिस्थितियों में विभिन्न प्रक्रियाओं का प्रदर्शन करके दिखाया गया। इससे उन्हें अपने दैनिक कार्यों में सुरक्षा उपायों को बेहतर ढंग से लागू करने की जानकारी मिली।

रेलवे अधिकारियों ने कर्मचारियों के साथ संवाद स्थापित करते हुए उनकी समस्याओं और शंकाओं को भी सुना। कई कर्मचारियों ने अपने कार्य के दौरान आने वाली चुनौतियों और जमीनी स्तर की समस्याओं को अधिकारियों के सामने रखा। अधिकारियों ने इन प्रश्नों का समाधान करते हुए कर्मचारियों को बेहतर कार्यप्रणाली अपनाने के सुझाव दिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि रेलवे में सुरक्षा संस्कृति को मजबूत बनाने के लिए ऐसे कार्यक्रम बेहद आवश्यक हैं। नियमित प्रशिक्षण और जागरूकता अभियानों के माध्यम से कर्मचारियों को नवीनतम सुरक्षा मानकों और प्रक्रियाओं की जानकारी मिलती है, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

मालदा मंडल द्वारा आयोजित यह शंटिंग मेला केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं था, बल्कि रेलवे कर्मचारियों के बीच सुरक्षा के प्रति जिम्मेदारी और जागरूकता विकसित करने का एक प्रयास भी था। रेलवे प्रशासन का उद्देश्य है कि प्रत्येक कर्मचारी अपने कार्यक्षेत्र में सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन करे और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें।

रेलवे अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे। लगातार प्रशिक्षण और निरीक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी ताकि रेल यात्रियों और रेलवे संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्कों में से एक है, जहां प्रतिदिन लाखों यात्री यात्रा करते हैं और बड़ी मात्रा में माल परिवहन किया जाता है। ऐसे में परिचालन सुरक्षा बनाए रखना एक बड़ी जिम्मेदारी है। शंटिंग जैसे तकनीकी कार्यों में दक्षता और सावधानी रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव मानी जाती है।

जमालपुर में आयोजित यह शंटिंग मेला इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। कार्यक्रम में भाग लेने वाले कर्मचारियों ने इसे उपयोगी बताते हुए कहा कि व्यावहारिक प्रशिक्षण से उन्हें अपने कार्यों को अधिक सुरक्षित और प्रभावी तरीके से करने में मदद मिलेगी।

कुल मिलाकर मालदा मंडल की यह पहल रेलवे सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। शंटिंग मेले के माध्यम से कर्मचारियों को न केवल तकनीकी जानकारी दी गई, बल्कि उन्हें सुरक्षा के प्रति अधिक सजग और जिम्मेदार बनने के लिए भी प्रेरित किया गया। आने वाले समय में इस तरह के कार्यक्रम रेलवे परिचालन को और अधिक सुरक्षित, सुचारु और दुर्घटनामुक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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