जमालपुर (मुंगेर) | 24 फरवरी, 2026: जमालपुर रेल पुलिस ने अपनी मुस्तैदी से एक बड़े मानव तस्करी या अपहरण के मामले का भंडाफोड़ किया है। झारखंड के साहिबगंज जिले से अपहृत किए गए तीन नाबालिगों को रेल पुलिस ने जयनगर-हावड़ा एक्सप्रेस से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस की इस सतर्कता ने न केवल मासूमों की जान बचाई, बल्कि उन परिवारों की खुशियां भी लौटा दीं जो पिछले चार दिनों से अंधेरे में भटक रहे थे।
अभयपुर स्टेशन के पास ‘एस्कॉर्ट टीम’ की नजर ने पकड़ी संदिग्ध हलचल
यह पूरी कार्रवाई सोमवार तड़के किऊल-जमालपुर रेलखंड के अभयपुर स्टेशन के पास हुई। रेल एसपी विद्यासागर के निर्देश पर गश्ती कर रही एस्कॉर्ट टीम ट्रेन संख्या 13032 (जयनगर-हावड़ा एक्सप्रेस) में तैनात थी। ड्यूटी के दौरान जवानों ने देखा कि चार बच्चे (दो लड़कियां और दो लड़के) बेहद डरे-सहमे और संदिग्ध स्थिति में हैं।
जब पुलिस ने उनसे पूछताछ शुरू की, तो बच्चे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। संदेह गहराने पर टीम ने उन्हें जमालपुर स्टेशन पर उतारा और गहन पूछताछ की, जिसमें एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ।
साहिबगंज से 20 फरवरी को गायब हुए थे बच्चे
पूछताछ में पता चला कि बरामद किए गए चार बच्चों में से तीन झारखंड के साहिबगंज जिले के राजमहल थाना क्षेत्र से अपहृत थे।
- गायब होने का वक्त: 20 फरवरी को सेहरी के समय ये बच्चे अपने घर से लापता हुए थे।
- FIR: परिजनों ने 21 फरवरी को राजमहल थाने में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
- चौथा बच्चा: इनके साथ मिला चौथा बच्चा भी उसी गांव का रहने वाला था।
परिजनों के आए आंसू: सुरक्षित सौंपे गए मासूम
रेल एसपी विद्यासागर ने बताया कि बच्चों की बरामदगी के बाद तुरंत राजमहल पुलिस और उनके परिजनों को सूचना दी गई। मंगलवार को कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद चारों बच्चों को उनके माता-पिता और पुलिस टीम के सुपुर्द कर दिया गया। अपने बच्चों को सही-सलामत देखकर परिजनों की आंखों से आंसू छलक पड़े।
एस्कॉर्ट टीम को मिलेगा विशेष सम्मान
रेल पुलिस की इस शानदार सफलता पर रेल जिला जमालपुर गौरवान्वित है। एसआरपी (SRP) ने घोषणा की है कि ड्यूटी के दौरान जिस सतर्कता और संवेदनशीलता का परिचय एस्कॉर्ट पार्टी ने दिया है, उसके लिए पूरी टीम को विशेष रूप से पुरस्कृत किया जाएगा।
द वॉयस ऑफ बिहार की रिपोर्ट: फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इन बच्चों को किसके इशारे पर और किस मकसद से हावड़ा की ओर ले जाया जा रहा था। क्या इसके पीछे कोई अंतर्राज्यीय मानव तस्करी गिरोह है? यह जांच का विषय है।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।


