नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत से तेल खरीदने में जिन्हें दिक्कत है, वे न खरीदें। उन्होंने कहा कि भारत किसी को मजबूर नहीं कर रहा है।
यह बयान उन आरोपों के बाद आया है जिनमें ट्रंप प्रशासन के कुछ अधिकारियों ने दावा किया था कि भारत, रूस से रियायती दरों पर तेल खरीदकर उसे यूरोप और अन्य देशों को ऊंची कीमतों पर बेच रहा है।
जयशंकर ने क्या कहा?
- “हमारी खरीद प्रक्रिया राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजार की स्थिरता के हित में है।”
- भारत स्वतंत्र रूप से तेल खरीद को लेकर निर्णय लेता रहेगा।
- पिछला अमेरिकी प्रशासन भारत की रूस से तेल खरीद का समर्थन करता था।
- यह हास्यास्पद है कि व्यापार-समर्थक लोग अब व्यापार पर आरोप लगा रहे हैं।
अमेरिका और यूरोप पर सवाल
जयशंकर ने कहा कि रूस से तेल खरीद को लेकर भारत को निशाना बनाना अनुचित है, जबकि दुनिया का सबसे बड़ा तेल आयातक चीन और सबसे बड़ा एलएनजी आयातक यूरोपीय संघ पर वही तर्क लागू नहीं किए गए।


