बिहार में 5 सीटों पर होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर विपक्षी खेमे में घमासान शुरू हो गया है। Rashtriya Janata Dal (आरजेडी) के विधायक भाई वीरेंद्र ने पूर्व सांसद Mohammad Shahabuddin की पत्नी Hena Shahab का नाम उछालकर सियासी हलचल बढ़ा दी है। वहीं All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen (एआईएमआईएम) के प्रदेश अध्यक्ष Akhtarul Iman ने समर्थन के सवाल पर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
‘हेना शहाब को राज्यसभा भेजना चाहिए’
भाई वीरेंद्र ने कहा कि उनकी व्यक्तिगत राय है कि इस बार आरजेडी कोटे से अल्पसंख्यक समुदाय के नेता को राज्यसभा भेजा जाना चाहिए और हेना शहाब इस पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार हो सकती हैं।
उन्होंने विधानसभा परिसर में कहा,
“आज भी अपनी व्यक्तिगत राय दे रहा हूं कि अकलियत के भाई को ही राज्यसभा जाना चाहिए और हेना शहाब को उम्मीदवार बनाया जाए।”
हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
समर्थन पर भड़के अख्तरुल ईमान
हेना शहाब को समर्थन देने के सवाल पर अख्तरुल ईमान नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम क्यों आरजेडी का समर्थन करे, इस बार आरजेडी को उनका समर्थन करना चाहिए।
उन्होंने मीडिया से कहा,
“मेरा समर्थन नहीं करेंगे? उनको पूछिए कि मेरा समर्थन क्यों नहीं करेंगे। आप उन्हीं का ठेका लिए हुए हैं।”
ईमान ने यह भी संकेत दिया कि उनकी पार्टी इस बार किसी दलित उम्मीदवार को मैदान में उतार सकती है।
क्या है चुनावी गणित?
राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 41 विधायकों का समर्थन जरूरी है। 202 विधायकों के साथ एनडीए की 4 सीटों पर जीत लगभग तय मानी जा रही है। पांचवीं सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो सकता है।
महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं। यदि एआईएमआईएम के 5 और बीएसपी के 1 विधायक समर्थन दे दें तो विपक्ष जीत की स्थिति में आ सकता है। ऐसे में एआईएमआईएम की भूमिका निर्णायक मानी जा रही है।
हेना शहाब क्यों चर्चा में?
भाई वीरेंद्र को आरजेडी नेतृत्व का करीबी माना जाता है। ऐसे में उनके बयान को सियासी संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हेना शहाब के पति दिवंगत शहाबुद्दीन का सिवान समेत मुस्लिम समाज में प्रभाव रहा है। उनके बेटे ओसामा शहाब फिलहाल विधायक हैं। अगर आरजेडी हेना को उम्मीदवार बनाती है तो एआईएमआईएम पर समर्थन का दबाव बढ़ सकता है।
एनडीए में भी दावेदारी
दूसरी ओर एनडीए खेमे में भी दावेदारी तेज हो गई है। Hindustani Awam Morcha (हम) के संरक्षक और केंद्रीय मंत्री Jitan Ram Manjhi ने कहा कि उन्हें पहले 2 लोकसभा और 1 राज्यसभा सीट देने का भरोसा दिया गया था।
उन्होंने कहा,
“हमने मांग नहीं की है। हमें कहा गया था कि हमें 2 लोकसभा और एक राज्यसभा सीट दी जाएगी। हम आखिरी तक इंतजार करेंगे।”
राज्यसभा चुनाव को लेकर बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। अब देखना होगा कि विपक्षी एकजुटता कायम रहती है या सीटों के गणित में नया मोड़ आता है।


