मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि अमेरिकी सेना ने संयुक्त अरब अमीरात की जमीन का इस्तेमाल कर ईरान के द्वीपों पर हमला किया है।
अमेरिका पर गंभीर आरोप
ईरान के अनुसार, हमलों में M142 HIMARS रॉकेट सिस्टम का इस्तेमाल किया गया। दावा किया गया कि ये रॉकेट यूएई के दुबई और रास अल खैमाह जैसे इलाकों से दागे गए और उनका निशाना ईरान के Kharg Island और Abu Musa Island थे।
ईरान ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। विदेश मंत्री अराघची ने चेतावनी दी कि पड़ोसी देशों की जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किया जाना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान हमलों का जवाब देगा, लेकिन रिहायशी इलाकों को निशाना नहीं बनाएगा।
यूएई के फुजैराह पोर्ट पर हादसा
तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात के Fujairah Port पर बड़ा हादसा सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार ड्रोन हमले को बीच में रोकने के बाद उसका मलबा Fujairah Oil Industry Zone में गिर गया, जिससे वहां भीषण आग लग गई।
इस घटना में एक जॉर्डन के नागरिक के घायल होने की खबर है। सुरक्षा कारणों से पोर्ट पर तेल लोडिंग का काम आंशिक रूप से रोक दिया गया है।
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि शनिवार को देश की ओर 9 बैलिस्टिक मिसाइलें और 33 ड्रोन दागे गए थे। फरवरी के अंत से शुरू हुए इस संघर्ष में यूएई पर अब तक सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन हमले हो चुके हैं।
होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ा टकराव
ईरान ने दावा किया है कि अमेरिका का सुरक्षा तंत्र विफल हो चुका है और वह Strait of Hormuz को सुरक्षित रखने के लिए चीन जैसे देशों से मदद मांग रहा है।
दूसरी ओर अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कहा है कि अमेरिका हर हाल में होर्मुज स्ट्रेट को खुला और सुरक्षित रखेगा। उन्होंने चीन, फ्रांस और जापान से अपने युद्धपोत भेजने की अपील भी की है ताकि वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित न हो।
खाड़ी देशों के बंदरगाहों पर खतरा
ईरान ने यूएई के तीन प्रमुख बंदरगाहों— Jebel Ali Port, Khalifa Port और Fujairah Port — को निशाना बनाने की धमकी दी है।
ईरान का आरोप है कि इन नागरिक बंदरगाहों का इस्तेमाल अमेरिकी सेना अपने सैन्य बेस के तौर पर कर रही है। ईरान की सरकारी एजेंसी ने लोगों को इन इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।
वहीं संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए उन्हें भ्रामक और गैर-जिम्मेदाराना बताया है।
वैश्विक चिंता बढ़ी
मिडिल ईस्ट में बढ़ता यह तनाव पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय बन गया है। Persian Gulf और Strait of Hormuz से दुनिया के बड़े हिस्से की तेल आपूर्ति होती है, ऐसे में यहां किसी भी बड़े सैन्य टकराव का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।


