ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच जारी युद्ध को आज 22 दिन पूरे हो गए हैं। शनिवार को ईरान ने हिंद महासागर स्थित अमेरिका और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य अड्डे ‘डिएगो गार्सिया’ को निशाना बनाते हुए दो लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, दोनों ही मिसाइलें अपने लक्ष्य तक पहुंचने में विफल रहीं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक मिसाइल उड़ान भरते ही तकनीकी खराबी के कारण गिर गई, जबकि दूसरी मिसाइल को अमेरिकी नौसेना के युद्धपोत से दागे गए SM-3 इंटरसेप्टर ने हवा में ही नष्ट कर दिया। इस हमले में सैन्य अड्डे को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा।
ब्रिटेन के समर्थन के बाद बढ़ा तनाव
बताया जा रहा है कि ब्रिटेन द्वारा अमेरिका को अपने सैन्य अड्डों के इस्तेमाल की अनुमति देने के बाद ईरान ने यह हमला किया। डिएगो गार्सिया बेस रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जाता है और इसे अमेरिका-ब्रिटेन की संयुक्त सैन्य गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता है।
मध्य पूर्व से बाहर ईरान का बड़ा कदम
यह पहली बार है जब ईरान ने मध्य पूर्व से बाहर किसी अमेरिकी ठिकाने को निशाना बनाने की कोशिश की है। हालांकि, हमला असफल रहा, लेकिन इससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
मध्य पूर्व में अमेरिका की बढ़ी सैन्य मौजूदगी
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमेरिका ने मध्य पूर्व और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास अपनी सैन्य ताकत बढ़ा दी है। अमेरिका ने तीन अतिरिक्त युद्धपोत और करीब 2500 मरीन तैनात किए हैं। इसके साथ ही क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की कुल संख्या लगभग 50,000 तक पहुंच गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा हालात में संघर्ष जल्द समाप्त होने के आसार कम नजर आ रहे हैं और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।


