ट्रंप के ‘शांति दावे’ पर ईरान का पानी! “कोई सीक्रेट डील नहीं, अमेरिका झूठ बोल रहा है”; तेहरान का बड़ा पलटवार— “हार के डर से पीछे हटे ट्रंप”

HIGHLIGHTS: 5 दिन के ‘पॉज’ पर ईरान ने फेरा पानी; व्हाइट हाउस के दावे को बताया ‘सबसे बड़ा सफेद झूठ’

  • बड़ा इनकार: ईरान के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा— “अमेरिका के साथ न तो कोई सीधी बातचीत हुई है और न ही किसी बिचौलिए के जरिए।”
  • आरोप: ईरान ने ट्रंप पर ‘वक्त काटने’ और ‘डर के मारे पीछे हटने’ का लगाया आरोप।
  • अल्टीमेटम का अंत: ईरान ने कहा— “हमारा 48 घंटे का अल्टीमेटम खत्म हुआ और ट्रंप ने जवाबी कार्रवाई के डर से इसे ‘शांति वार्ता’ का नाम दे दिया।”
  • हॉरमुज पर अड़े: ईरान ने साफ किया कि ‘स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज’ तब तक नहीं खुलेगा जब तक युद्ध का पूर्ण समाधान और मुआवजे पर बात नहीं होती।
  • VOB इनसाइट: ट्रंप के दावे से जो तेल के दाम गिरे थे, ईरान के इस इनकार के बाद बाजार में फिर ‘आग’ लगने की आशंका।

तेहरान / वॉशिंगटन | 23 मार्च, 2026

​दुनियाभर में ‘ट्रंप-ईरान’ के बीच जिस ‘सीक्रेट डील’ की चर्चा सुबह से हो रही थी, उस पर तेहरान ने ठंडे पानी की बाल्टी डाल दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जिस ‘5 दिन के समझौते’ और ‘शानदार बातचीत’ का दावा किया था, ईरान ने उसे सिरे से खारिज कर दिया है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) की विशेष रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सरकारी मीडिया और विदेश मंत्रालय ने ट्रंप के बयान को “हताशा में दिया गया बयान” करार दिया है।

“कोई बातचीत नहीं हुई”: ईरान के विदेश मंत्रालय का सख्त रुख

​ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने सोमवार शाम (भारतीय समयानुसार) कहा कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच पिछले 48 घंटों में कोई बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने ट्रंप के ‘ट्रुथ सोशल’ पोस्ट पर तंज कसते हुए कहा— “अगर बातचीत हुई है, तो शायद ट्रंप ने अपने ही किसी साये से बात की होगी। हम अपनी संप्रभुता और ऊर्जा केंद्रों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं और किसी दबाव में नहीं आएंगे।”

“डर गए ट्रंप”: ईरानी मीडिया ने दी ‘जीत’ की सुर्खियां

​ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी ‘फार्स’ (Fars) और ‘तस्नीम’ (Tasnim) ने इसे ट्रंप की कूटनीतिक हार बताया है।

  • हेडलाइन: ईरानी चैनलों पर हेडलाइन चल रही है— “ट्रंप पीछे हटे!” (Trump Backs Down!)।
  • वजह: ईरान का दावा है कि उसने चेतावनी दी थी कि अगर उसके पावर प्लांट पर हमला हुआ, तो वह पूरे पश्चिम एशिया के बिजली और पानी के प्लांट (Desalination plants) को नष्ट कर देगा। इसी डर से ट्रंप ने 48 घंटे का अपना अल्टीमेटम 5 दिन आगे बढ़ा दिया है।

VOB का नजरिया: क्या यह ट्रंप की ‘साइकोलॉजिकल वॉर’ है?

​’द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) का मानना है कि इस विरोधाभासी बयानों के पीछे एक गहरी चाल हो सकती है।

  1. बाजार को शांत करना: ट्रंप जानते हैं कि तेल की कीमतें $115 के पार जाना उनकी सरकार के लिए खतरा है। ‘बातचीत’ की खबर फैलाकर उन्होंने बाजार को नीचे गिराने की कोशिश की, भले ही वह सच न हो।
  2. तैयारी का मौका: हो सकता है कि अमेरिका और इजराइल इन 5 दिनों का इस्तेमाल अपनी सैन्य तैनाती को और मजबूत करने के लिए कर रहे हों।
  3. भारत की चिंता: बिहार समेत पूरे भारत के लिए यह खबर चिंताजनक है। अगर ईरान अड़ा रहा और हॉरमुज का रास्ता बंद रहा, तो तेल की कीमतों में फिर से उछाल आना तय है।

निष्कर्ष: 28 मार्च तक बना रहेगा ‘सस्पेंस’

​फिलहाल व्हाइट हाउस ने ईरान के इस इनकार पर कोई नई टिप्पणी नहीं की है। ट्रंप द्वारा दी गई ‘5 दिन’ की मोहलत अब 28 मार्च 2026 को खत्म होगी। अगर तब तक वाकई कोई ‘सच्ची’ बातचीत नहीं हुई, तो मध्य पूर्व में विस्फोट होना तय माना जा रहा है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ इस ग्लोबल वॉर की हर एक ‘इनसाइड स्टोरी’ आप तक पहुँचाता रहेगा।

 

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