अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर भागलपुर में दिखा उत्साह, सैंडिस कंपाउंड में सैकड़ों लोगों ने किया योगाभ्यास

भागलपुर में 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को एक भव्य और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शहर के प्रतिष्ठित सैंडिस कंपाउंड स्थित इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस पदाधिकारियों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को योग के महत्व से अवगत कराना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई। जिला प्रशासन की ओर से आयोजित इस समारोह में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने दीप जलाकर कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन किया। उनके साथ नगर आयुक्त किसलय कुशवाहा, अपर समाहर्ता दिनेश राम, अपर समाहर्ता (विधि-व्यवस्था) राकेश रंजन, जिला योजना पदाधिकारी मोनू कुमार, कोषागार पदाधिकारी देवेंद्र कुमार सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।

योग दिवस के इस आयोजन में सुबह से ही लोगों का उत्साह देखने लायक था। विभिन्न आयु वर्ग के लोग बड़ी संख्या में स्टेडियम पहुंचे। युवाओं से लेकर बुजुर्गों तक, सभी ने योग सत्र में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रशिक्षित योग शिक्षकों के निर्देशन में प्रतिभागियों को अलग-अलग योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियां कराई गईं। योग शिक्षकों ने हर आसन की उपयोगिता और उससे मिलने वाले स्वास्थ्य लाभों की भी विस्तृत जानकारी दी।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने योग की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अमूल्य हिस्सा है। भारत ने दुनिया को योग जैसी महान जीवनशैली दी है, जिसे आज वैश्विक स्तर पर स्वीकार किया जा चुका है। दुनिया के कई देशों में लोग अब योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना रहे हैं और इसके सकारात्मक परिणाम अनुभव कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि योग को केवल शारीरिक व्यायाम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। योग शरीर को लचीला और मजबूत बनाने के साथ-साथ मानसिक संतुलन स्थापित करने में भी मदद करता है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, चिंता और मानसिक दबाव आम समस्याएं बन चुकी हैं। ऐसे समय में योग मन को शांत रखने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का प्रभावी माध्यम साबित हो सकता है।

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि जब शरीर और मन दोनों स्वस्थ होते हैं, तभी व्यक्ति अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकता है। चाहे कोई व्यवसाय से जुड़ा हो, कार्यालय में कार्यरत हो या सामाजिक जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहा हो, हर क्षेत्र में बेहतर परिणाम पाने के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहना जरूरी है। योग इस संतुलन को बनाए रखने में अत्यंत उपयोगी है।

अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास उनकी ऊर्जा और कार्यक्षमता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उनका कहना था कि रोजाना कुछ समय योग को देने से न केवल दिनभर ऊर्जा बनी रहती है बल्कि निर्णय लेने की क्षमता और एकाग्रता भी बढ़ती है। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से आग्रह किया कि वे योग को सिर्फ एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का नियमित हिस्सा बनाएं।

उन्होंने खेलकूद और योग के बीच अंतर को भी स्पष्ट किया। उनके अनुसार खेलकूद स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है, लेकिन अधिकांश खेलों में शरीर के कुछ विशेष अंगों या मांसपेशियों का अधिक उपयोग होता है। इसके विपरीत योग पूरे शरीर को समान रूप से सक्रिय करता है। योग केवल बाहरी मांसपेशियों पर ही काम नहीं करता, बल्कि शरीर के आंतरिक अंगों की कार्यक्षमता को भी बेहतर बनाता है। इससे पाचन तंत्र, श्वसन तंत्र और रक्त संचार प्रणाली को विशेष लाभ मिलता है।

योग विशेषज्ञों ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि नियमित योगाभ्यास से कई गंभीर बीमारियों का जोखिम कम किया जा सकता है। उच्च रक्तचाप, मधुमेह, मोटापा, अनिद्रा और तनाव जैसी समस्याओं से राहत पाने में योग प्रभावी माना जाता है। इसके अलावा प्राणायाम फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने और शरीर में ऑक्सीजन के बेहतर संचार में मदद करता है। ध्यान अभ्यास मानसिक शांति और सकारात्मक सोच विकसित करने में सहायक होता है।

कार्यक्रम में शामिल प्रतिभागियों ने भी योग के प्रति अपनी सकारात्मक सोच साझा की। कई लोगों ने कहा कि वे लंबे समय से योग कर रहे हैं और इससे उनके स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार आया है। वहीं कुछ प्रतिभागियों ने पहली बार सामूहिक योग कार्यक्रम में हिस्सा लिया और भविष्य में नियमित रूप से योग करने का संकल्प लिया।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि यह लोगों के बीच स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने का सशक्त माध्यम बना। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के उत्साह और सहभागिता ने यह स्पष्ट किया कि समाज में योग के प्रति रुचि लगातार बढ़ रही है। आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न चुनौतियों के बीच लोग अब प्राकृतिक और संतुलित जीवन की ओर लौटने की आवश्यकता महसूस कर रहे हैं।

आज के समय में जब तकनीक ने जीवन को आसान बनाया है, वहीं शारीरिक गतिविधियां कम होने के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में योग एक ऐसा साधन है, जो बिना किसी महंगे उपकरण या विशेष संसाधन के हर व्यक्ति अपना सकता है। केवल कुछ मिनट का नियमित अभ्यास जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

भागलपुर में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि योग केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि बेहतर जीवन की आवश्यकता बन चुका है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर लिया गया यह संकल्प आने वाले समय में लोगों को अधिक स्वस्थ, संतुलित और ऊर्जावान जीवन जीने की दिशा में प्रेरित करेगा। नियमित योगाभ्यास के जरिए न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य सुधरेगा, बल्कि एक स्वस्थ समाज और मजबूत राष्ट्र के निर्माण में भी योगदान मिलेगा।

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