खबर के मुख्य बिंदु:
- बड़ा संदेश: समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी बोले— महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़े बिना समाज का विकास मुमकिन नहीं।
- नई सौगात: राज्य में 11 नए ‘वन स्टॉप सेंटर’ और महिलाओं के लिए ‘पिंक बस’ सेवा का उद्घाटन।
- सम्मान: आईएएस गरिमा लोहिया समेत 10 सफल महिलाओं को मिला ‘बिहार अपराजिता सम्मान’।
- डिजिटल कदम: क्षेत्रीय महिलाओं की प्रेरणादायक कहानियों के लिए ‘बिहार शक्ति पोर्टल’ लॉन्च।
पटना: अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजधानी पटना का ज्ञान भवन ‘नारी शक्ति’ के जयघोष से गूँज उठा। समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित “सशक्त महिला-समृद्ध बिहार” कार्यक्रम में बिहार की आधी आबादी को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई बड़ी योजनाओं का आगाज़ किया गया। समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी और पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्रीमती रमा निषाद ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और राज्य की उन महिलाओं को सम्मानित किया जिन्होंने संघर्षों को मात देकर अपनी पहचान बनाई है।
नीतीश कुमार की विरासत और महिलाओं का दर्द
मदन सहनी ने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा महिलाओं के लिए किए गए क्रांतिकारी कार्यों को याद किया।
- आरक्षण का प्रभाव: उन्होंने बताया कि सरकारी नौकरियों में 35% और स्थानीय निकायों में 50% आरक्षण देकर नीतीश कुमार ने महिलाओं को नेतृत्व की कुर्सी पर बैठाया।
- भावुक क्षण: मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री के पद छोड़ने की खबर से बिहार की महिलाएं सबसे अधिक मर्माहत हैं, क्योंकि उन्होंने महिलाओं को ₹10,000 की उद्यमी राशि से लेकर सुरक्षा तक का भरोसा दिया है।
सुरक्षा और स्वावलंबन: वन स्टॉप सेंटर और पिंक बस
महिलाओं की सुरक्षा और शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए सरकार ने बुनियादी ढांचे को और मजबूत किया है।
- 11 नए वन स्टॉप सेंटर: पहले से कार्यरत 39 सेंटर्स के अलावा अब 11 नए केंद्र और खुल गए हैं। यहाँ पीड़ित महिलाएं शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ स्किल डेवलपमेंट की ट्रेनिंग भी ले सकेंगी।
- पिंक बस सेवा: राजधानी की सड़कों पर अब ‘पिंक बस’ दौड़ेगी, जो महिलाओं के सफर को सुरक्षित और सुगम बनाएगी।
- बाल विवाह पर प्रहार: कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह उन्मूलन के लिए एक विशेष गाइड का विमोचन भी किया गया।
बिहार अपराजिता सम्मान: ये हैं आज की ‘सुपर विमेंस’
समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 10 महिलाओं को सम्मानित किया गया:
- गरिमा लोहिया: आईएएस अधिकारी व बाढ़ की अनुमंडलाधिकारी (एसडीएम)।
- अन्य विजेता: रितिका, पूजा कुमारी (पटना), काजल कुमारी (शिवहर), अलीशा (अररिया), कंचन कुमारी (वैशाली), अमृता कुमारी, पूजा कुमारी (बांका), ब्यूटी कुमारी (सुपौल) और रौशनी परवीन (किशनगंज)।
त्वरित अवलोकन (Quick Facts)
- आयोजन स्थल: ज्ञान भवन, पटना।
- मुख्य अतिथि: मदन सहनी और रमा निषाद।
- नया इंफ्रास्ट्रक्चर: 11 वन स्टॉप सेंटर (अब कुल संख्या 50 हुई) और पिंक बस सेवा।
- डिजिटल लॉन्च: बिहार शक्ति पोर्टल (प्रेरणादायक कहानियों का संग्रह)।
- वित्तीय सहायता: महिला उद्यमी योजना के तहत 1.81 करोड़ महिलाओं को सहायता।
- सम्मान: 10 महिलाओं को ‘बिहार अपराजिता सम्मान’।
VOB का नजरिया: कागजों से निकलकर जमीन पर उतरता सशक्तिकरण
35 प्रतिशत आरक्षण और ₹10,000 की छोटी दिखने वाली मदद ने बिहार के ग्रामीण अंचलों में एक मौन क्रांति ला दी है। आईएएस गरिमा लोहिया जैसी बेटियों का सम्मानित होना उन हजारों लड़कियों के लिए प्रेरणा है जो छोटे गांवों से बड़े सपने देखती हैं। पिंक बस और वन स्टॉप सेंटर की संख्या बढ़ना यह दर्शाता है कि सरकार केवल नारे नहीं गढ़ रही, बल्कि सुरक्षा के तंत्र को भी विस्तार दे रही है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ सभी सम्मानित महिलाओं को सलाम करता है।


