बिहार के बक्सर जिले में अपराधियों ने एक बार फिर बेखौफ वारदात को अंजाम दिया है। राजपुर थाना क्षेत्र के रसेन गांव के पास सोमवार देर शाम अंधाधुंध फायरिंग की घटना में 60 वर्षीय रामाकांत पाठक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके रिश्तेदार विजय शंकर चौबे गंभीर रूप से घायल हो गए।
कब्रिस्तान के पास घात लगाकर की गई फायरिंग
स्थानीय लोगों के अनुसार, रामाकांत पाठक धनसोई थाना क्षेत्र के मोहनपुर गांव के निवासी थे। वे अपने रिश्तेदार विजय शंकर चौबे के घर रसेन गांव आए हुए थे। सोमवार शाम दोनों गांव में टहलने निकले थे। इसी दौरान कब्रिस्तान के पास पहले से घात लगाए अपराधियों ने अचानक उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं।
फायरिंग में रामाकांत पाठक को कई गोलियां लगीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं विजय शंकर चौबे को भी गोली लगी और वे गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल की हालत नाजुक
घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायल विजय शंकर चौबे को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।
मौके पर पहुंची पुलिस, छापेमारी शुरू
सूचना मिलते ही राजपुर थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद अपराधियों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी गई है और कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
इलाके में दहशत, ग्रामीणों में आक्रोश
दिनदहाड़े हुई इस वारदात से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव खत्म होने के बाद अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए हैं। लगातार हो रही आपराधिक घटनाओं से लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं और पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
अहियापुर कांड से जुड़ाव से इनकार
इस हत्या को अहियापुर ट्रिपल मर्डर से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन बक्सर के पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने इससे इनकार किया है। उन्होंने कहा कि दोनों घटनाओं का कोई सीधा संबंध नहीं है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
एसपी शुभम आर्य ने कहा,
“अहियापुर हत्याकांड से इस घटना का कोई सीधा संबंध नहीं है। जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा करेगी।”



