
गयाजी में दरोगा अनुज कश्यप सुसाइड केस: प्यार, विवाद और मौत की पूरी कहानी
गयाजी (बिहार) — बिहार पुलिस महकमे में इन दिनों एक ऐसा मामला चर्चा में है, जिसने ड्यूटी, प्रेम और निजी जीवन के बीच की सीमाओं पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। गयाजी के SSP ऑफिस के मीडिया सेल में तैनात दरोगा अनुज कश्यप ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। इस केस में महिला दरोगा स्वीटी कुमारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस जांच में जो बातें सामने आई हैं, वे बताती हैं कि यह महज एकतरफा प्रेम नहीं था, बल्कि दोनों तरफ से गहरा रिश्ता था। 2021 में इमामगंज थाना में शुरू हुई यह प्रेम कहानी, 2025 में एक दर्दनाक अंत पर आकर खत्म हो गई।
पहली मुलाकात से प्यार तक का सफर
- 2021 में अनुज और स्वीटी की पहली पोस्टिंग इमामगंज थाना में हुई।
- शुरुआत में बातचीत सिर्फ काम तक सीमित थी, लेकिन धीरे-धीरे दोनों के बीच नज़दीकियां बढ़ीं।
- दिसंबर 2021 में दोनों ने एक-दूसरे से अपने प्यार का इजहार किया।
- थाने के सहकर्मियों ने कई बार दोनों को साथ घूमते, रेस्टोरेंट में खाना खाते और बाजार में शॉपिंग करते देखा।
- स्वीटी अक्सर ड्यूटी के बाद सिविल ड्रेस (जींस-टॉप) में अनुज के साथ देखी जाती थीं।
शादी के बाद भी नहीं टूटा रिश्ता
- 12 मई 2022 को अनुज की शादी हो गई।
- शादी के बाद अनुज ने SSP ऑफिस मीडिया सेल में तबादला करवा लिया।
- स्वीटी को बेलागंज थाना भेजा गया, लेकिन दूरी रिश्ते में बाधा नहीं बनी।
- सूत्रों के मुताबिक, स्वीटी रोजाना 32 किलोमीटर दूर से गयाजी आकर अनुज से मिलती थीं।
- अनुज की पत्नी UPSC की तैयारी के लिए दिल्ली चली गई, जिससे दोनों का रिश्ता फिर और गहरा हो गया।
घटना से पहले के हालात
- बेलागंज थाना के सूत्रों का कहना है कि स्वीटी पिछले तीन दिनों से तनाव में थीं।
- वह सहकर्मियों से बातचीत टाल रही थीं और सामान्य व्यवहार नहीं कर रही थीं।
- गुरुवार की रात अनुज और स्वीटी के बीच वीडियो कॉल पर लंबी बातचीत हुई।
- पुलिस सूत्रों का दावा है कि बातचीत के दौरान विवाद हुआ और अनुज ने कॉल काट दी।
सुबह का दर्दनाक मंजर
- शुक्रवार तड़के करीब 5 बजे स्वीटी बेलागंज से अनुज के किराए के मकान (SSP ऑफिस से 300 मीटर दूर) पहुँचीं।
- उन्होंने काफी देर तक दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
- शोर सुनकर मकान मालकिन बाहर आईं।
- स्वीटी ने एक वरिष्ठ अधिकारी को सूचना दी और रामपुर थाना पुलिस को बुलाया गया।
- दरवाजा तोड़ा गया तो अनुज का शव फंदे से लटका मिला।
जांच और खुलासे
- पुलिस ने अनुज का मोबाइल जब्त कर FSL जांच के लिए भेज दिया है।
- थाना अध्यक्ष दिनेश बहादुर सिंह के अनुसार, “रिश्ता एकतरफा नहीं था, दोनों एक-दूसरे को चाहते थे।”
- कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद मोबाइल डेटा की जांच होगी, जिससे यह पता चलेगा कि घटना से पहले क्या बातचीत हुई थी।
- स्वीटी को शुक्रवार रातभर साइबर थाने में पूछताछ के बाद शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया और जेल भेज दिया गया।
अनुज के पिता का आरोप
अनुज के पिता ने कहा, “मेरा बेटा कायर नहीं था। किसी ने मानसिक दबाव डालकर उसे यह कदम उठाने पर मजबूर किया।”
उन्होंने यह भी कहा कि घटना के समय अनुज वीडियो कॉल पर था, और पुलिस को सच्चाई सामने लानी चाहिए।
पुलिस के लिए चुनौती
यह केस महज एक आत्महत्या नहीं, बल्कि पुलिस महकमे के भीतर के निजी रिश्तों, मानसिक दबाव और पेशेवर आचरण से जुड़े कई सवाल खड़े करता है।
- क्या ड्यूटी के दौरान बने निजी रिश्ते इस हद तक बढ़ सकते हैं कि वे पेशेवर जीवन पर असर डालें?
- क्या मानसिक तनाव और व्यक्तिगत विवाद आत्महत्या की वजह बन सकते हैं?
- और सबसे बड़ा सवाल — क्या अनुज की मौत एक भावनात्मक पल में लिया गया फैसला थी, या इसके पीछे और भी कोई वजह है?
फिलहाल, स्वीटी जेल में हैं, FSL रिपोर्ट का इंतजार है और पुलिस जांच जारी है। आने वाले दिनों में मोबाइल डेटा और कॉल डिटेल्स से इस केस की कई परतें खुलने की उम्मीद है।


