बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर की रफ़्तार: 450 पंचायत सरकार भवन बनकर तैयार; सचिव कुमार रवि का कड़ा निर्देश—”क्वालिटी में कोताही पर होगी कठोर कार्रवाई”

पटना | 26 फरवरी, 2026: बिहार में विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने और सरकारी भवनों के निर्माण में पारदर्शिता लाने के लिए भवन निर्माण विभाग ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। गुरुवार को पटना के अधिवेशन भवन में विभाग के सचिव श्री कुमार रवि की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में गृह (कारा), अल्पसंख्यक कल्याण और ग्रामीण विकास सहित कुल 19 विभागों की चल रही निर्माण परियोजनाओं की बारीकी से समीक्षा की गई।

​सचिव ने बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों की गति के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने अभियंताओं को कड़ा निर्देश दिया कि वे हर सप्ताह निर्माण स्थलों का भौतिक निरीक्षण करें और संवेदकों (Contractors) के साथ नियमित समीक्षा बैठकें करें। सचिव ने चेतावनी दी कि यदि गुणवत्ता में कोई कमी पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों और संवेदकों पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

पंचायत सरकार भवन और प्रखंड कार्यालयों पर विशेष जोर

राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में पंचायत सरकार भवनों की भूमिका अहम है। विभाग द्वारा कुल 2615 पंचायत सरकार भवनों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें से 450 से अधिक का कार्य पूर्ण हो चुका है। इसके अलावा, 300 भवनों का फिनिशिंग कार्य अंतिम चरण में है। विभाग ने अगले दो-तीन महीनों के भीतर 1000 पंचायत सरकार भवनों को तैयार कर उन्हें हैंडओवर करने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

​इसी कड़ी में, राज्य के विभिन्न अंचलों में प्रशासनिक कार्य को सुगम बनाने के लिए 200 से अधिक प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय भवनों का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। शेष प्रखंडों के लिए टेंडर की प्रक्रिया को प्रतिस्पर्धी और पारदर्शी तरीके से जल्द पूरा करने का निर्देश दिया गया है।

सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं की समीक्षा

बैठक में केवल नए भवनों के निर्माण पर ही नहीं, बल्कि मौजूदा महत्वपूर्ण भवनों के रखरखाव और सुरक्षा पर भी चर्चा हुई। सचिव ने मुख्य सचिवालय और विकास भवन में चल रहे अग्निशमन (Firefighting) कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने का आदेश दिया। साथ ही, विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन अटल कला भवनों (प्रत्येक की क्षमता 620) और खेल संरचनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।

डिजिटल निगरानी और पारदर्शिता

निर्माण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सचिव ने सभी कार्यपालक अभियंताओं को ऑनलाइन पोर्टल PIMS (PIMS) को नियमित रूप से अपडेट करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल पर उपलब्ध डेटा की उच्च स्तर पर निरंतर निगरानी की जाएगी, ताकि योजनाओं में हो रही देरी या विसंगतियों को तुरंत पकड़ा जा सके।

​बैठक में भवन निर्माण विभाग के अपर सचिव, संयुक्त सचिव, मुख्य अभियंता सहित विभिन्न विभागों के नोडल पदाधिकारी उपस्थित रहे। सचिव ने अंत में सभी अधिकारियों को समयबद्धता और मानक अनुरूप निर्माण सामग्री के उपयोग का संकल्प दिलाया।

  • ये भी पढ़े..

    BPSC TRE-4 भर्ती को लेकर शिक्षा मंत्री का बड़ा ऐलान, एक लाख शिक्षकों की नियुक्ति से बदलेगी बिहार की तस्वीर

    Share Add as a preferred…

    बिहार विधानसभा में सात विधेयकों पर चर्चा से लेकर TRE-4 भर्ती तक, मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में क्या-क्या हुआ?

    Share Add as a preferred…