मुख्यमंत्री इंटर्नशिप योजना को लेकर उद्योग संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन
पटना, 12 सितंबर।बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री इंटर्नशिप योजना राज्य के युवाओं को उद्योग आधारित प्रशिक्षण का अवसर उपलब्ध करा रही है। इस योजना के अंतर्गत युवाओं को तीन माह से एक वर्ष तक विभिन्न उद्योगों में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे आधुनिक कौशल सीखकर आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
श्रम संसाधन विभाग के तत्वावधान में आयोजित “सीएम-प्रतिज्ञा योजना पर उद्योग संवेदीकरण कार्यशाला” को संबोधित करते हुए बिहार कौशल विकास मिशन के अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह श्रमायुक्त राजेश भारती ने बताया कि इस पहल से बिहार को एक कौशल-संपन्न और प्रतिस्पर्धी राज्य के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं प्रमंडल और जिला स्तर पर भी आयोजित होंगी, ताकि सुदूरवर्ती इलाकों के युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
कार्यशाला की प्रमुख बातें
- योजना का विजन, मिशन और उद्देश्य प्रस्तुत किए गए।
- श्रमिक कल्याण, युवाओं में जागरूकता और उद्योगों के साथ सहयोगी तंत्र पर बल।
- विभागीय समन्वय को और अधिक मज़बूत करने का निर्णय।
- ज़िलास्तर पर फॉलो-अप वर्कशॉप और सामुदायिक जागरूकता अभियान चलाने की रूपरेखा तय।
साझेदार कंपनियों की भागीदारी
कार्यशाला में दर्जनभर साझेदार कंपनियों और संस्थानों ने शिरकत की। इनमें प्रमुख थे:
हरिओम फीड्स प्रा. लि., ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, एचपीसीएल, माइक्रोमैक्स बायो फ्यूल, प्रमोद लड्डू, बीआरएलपीएस-जीविका, डालमिया सीमेंट, कॉम्फेड, गो ग्रीन अपैरल, अनमोल इंडस्ट्रीज, परमान न्यूट्रीशन और ओवो सुन्दरम इंटरनेशनल प्रा. लि.।
प्रतिभागियों ने न केवल प्रश्न पूछे बल्कि उपयोगी सुझाव भी साझा किए।
कार्यशाला का समापन मिशन निदेशक मनीष शंकर के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।


