भारत के समंदर में गरजेंगे भारत-जापान के फाइटर जेट, चीन की अकड़ होगी ढीली

हिंद महासागर में चीन की बढ़ती घुसपैठ के बीच भारतीय नौसेना लगातार अपनी ताकत में इजाफा कर रही है। वहीं वह संयुक्त सैन्याभ्यास से चीन की अकड़ ढीली करके उसे अपनी हद में रहने को मजबूर कर रही है। इसी कड़ी में भारत और जापान मिलकर संयुक्त नौसेना अभ्यास कर रहे हैं। 6 दिन का यह नौसेनाओं का जंगी अभ्यास विशाखापट्टनम में शुरू हुआ।

समग्र सैन्य सहयोग को और विस्तार देने के  उद्देश्य से भारत और जापान की नौसेनाओं ने अपने बुधवार को विशाखापत्तनम में छह दिन का जंगी अभ्यास शुरू किया। भारतीय नौसेना जापान-भारत समुद्री अभ्यास (जिमेक्स) के सातवें संस्करण की मेजबानी कर रही है और यह संस्करण 2012 में अपनी शुरुआत के बाद से अभ्यास की 11वीं वर्षगांठ का प्रतीक है।

इन समुद्री पनडुब्बियों, हेलिकॉप्टर्स और विमानों का हुआ उपयोग

अधिकारियों ने बताया कि भारतीय नौसेना ने स्वदेशी रूप से निर्मित गाइडेड मिसाइल विध्वंसक आईएनएस दिल्ली, स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित एंटी-सबमरीन वारफेयर कार्वेट आईएनएस कामोर्टा, बेड़ा टैंकर आईएनएस शक्ति, एक पनडुब्बी, समुद्री गश्ती विमान पी-8आई और जहाज-वाहित हेलीकॉप्टर तथा लड़ाकू विमान की तैनाती की है। जापान मैरीटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स (जेएमएसडीएफ) का प्रतिनिधित्व निर्देशित मिसाइल विध्वंसक जेएस सामिदारे और इसके अभिन्न हेलीकॉप्टरों द्वारा किया जाएगा।

दो चरणों में होगा यह 6 दिन का अभ्यास

यह अभ्यास 2 चरणों में 6 दिनों तक आयोजित किया जाएगा। भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने कहा, ‘जिमेक्स 2023 एक-दूसरे की सर्वोत्तम प्रथाओं से सीखने का मौका देता है।  साथ ही आपसी सहयोग को बढ़ावा देने तथा क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा के प्रति साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि करने के लिए भारतीय नौसेना और जापान मैरीटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स के बीच परिचालन बातचीत की सुविधा प्रदान करता है।’

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