भागलपुर :
भारत की पूर्व प्रधानमंत्री और लौह महिला स्वर्गीय इंदिरा गांधी की जयंती के अवसर पर आज भागलपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि सभा आयोजित की। यह कार्यक्रम पूर्व विधायक अजीत शर्मा के आवास स्थित कांग्रेस कैंप कार्यालय में आयोजित हुआ, जहां बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत इंदिरा गांधी के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर हुई। श्री शर्मा सहित सभी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र के प्रति इंदिरा जी के योगदान को याद करते हुए उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
“इंदिरा गांधी ने भारत को विश्व पटल पर दिया मजबूत स्थान”—अजीत शर्मा
कांग्रेस कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक अजीत शर्मा ने कहा कि इंदिरा गांधी का नेतृत्व इतिहास के स्वर्णिम अध्यायों में दर्ज है।
उन्होंने कहा—
- “इंदिरा गांधी ने अपने कार्यकाल में ऐसे युगांतरकारी निर्णय लिए, जिसने भारत को विश्व की अग्रणी शक्तियों में शामिल किया।”
- उन्होंने जमींदारी प्रथा के उन्मूलन,
- बांग्लादेश के गठन में निर्णायक भूमिका,
- हरित क्रांति,
- और भारत को सामरिक रूप से सशक्त करने जैसे महत्वपूर्ण कदमों का उल्लेख किया।
श्री शर्मा ने कहा कि देश हमेशा इंदिरा गांधी के योगदान और साहस को याद रखेगा।
देश के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की अपील
अपने संबोधन में अजीत शर्मा ने वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर भी टिप्पणी की।
उन्होंने कहा—
“आज आरएसएस और भाजपा की मोदी सरकार फासीवादी प्रवृत्ति के साथ लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है। ऐसे माहौल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं को इंदिरा जी के विचारों से प्रेरणा लेकर संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए।”
कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता रहे उपस्थित
जयंती कार्यक्रम में भाग लेने और श्रद्धांजलि देने वालों में शामिल थे—
- डॉ. अभय आनंद (प्रदेश कांग्रेस प्रतिनिधि)
- सोइन अंसारी (नगर कांग्रेस अध्यक्ष)
- अभिमन्यु यादव
- बाबर अंसारी
- डॉ. जयशंकर ठाकुर
- अभिषेक चौबे
- पार्षद जाबीर अंसारी
- नजाहत अंसारी
- मिन्टू कुरैशी
- उषा रानी
- मिनाक्षी देवी
- रमीज राजा
- मोहम्मद अब्दुल्ला
- मोहम्मद मेहताब
- मोहम्मद फिरोज
- और कई सक्रिय कार्यकर्ता
कार्यक्रम के अंत में कांग्रेस नेताओं ने इंदिरा गांधी की विचारधारा को आगे बढ़ाने और जनहित के कार्यों में भागलपुर कांग्रेस को और मजबूत बनाने का संकल्प लिया।
यह आयोजन न केवल इंदिरा गांधी की स्मृति को नमन था, बल्कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच सजगता, एकजुटता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संदेश भी लेकर आया।


