मिडिल ईस्ट में महायुद्ध के बीच भारत का ‘सुदर्शन’ प्रहार! रूस से 5 नए S-400 एयर डिफेंस की डील, चीन-पाक के उड़े होश

खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):

  • बड़ी डील: भारत रूस से 5 और S-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने की तैयारी में।
  • अभेद्य किला: डील पूरी होने पर भारत के पास होंगे कुल 10 S-400 स्क्वाड्रन।
  • चीन को झटका: दुनिया भर में फेल हो रहे चीनी एयर डिफेंस (HQ-9), रूसी तकनीक का डंका।
  • ऑपरेशन सिंदूर: पिछले साल पाक के जासूसी विमानों और मिसाइलों को S-400 ने किया था ढेर।

​​नई दिल्ली/पटना | 02 मार्च, 2026- नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट (खाड़ी देशों) में ईरान और इजराइल के बीच जारी भीषण मिसाइल युद्ध ने पूरी दुनिया को दहला दिया है। जहाँ एक तरफ मिसाइलें आसमान चीर रही हैं, वहीं भारत ने अपनी सीमाओं को ‘अभेद्य’ बनाने के लिए मास्टरस्ट्रोक खेल दिया है। भारत, रूस से दुनिया के सबसे घातक एयर डिफेंस सिस्टम S-400 ‘सुदर्शन’ के 5 और स्क्वाड्रन खरीदने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह फैसला ऐसे समय में आया है जब आधुनिक युद्धक्षेत्र में चीनी डिफेंस सिस्टम ताश के पत्तों की तरह ढह रहे हैं।

S-400 का ‘सुदर्शन’ चक्र: 10 स्क्वाड्रन से सील होगी सरहद

​रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, इंडियन एयर फोर्स (IAF) ने 5 नए S-400 स्क्वाड्रन खरीदने का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे जल्द ही हरी झंडी मिलने वाली है।

  • कुल ताकत: भारत ने 2018 में 5 स्क्वाड्रन की डील की थी (जिसमें से 3 ऑपरेशनल हैं)। नई डील के बाद भारत के पास कुल 10 S-400 स्क्वाड्रन होंगे।
  • तैनाती: इन्हें पूर्वी (चीन) और पश्चिमी (पाकिस्तान) सीमाओं पर तैनात किया जाएगा, जिससे भारत का हवाई क्षेत्र पूरी तरह ‘नो फ्लाई जोन’ में तब्दील हो जाएगा।

‘ऑपरेशन सिंदूर’: जब S-400 ने पाक के अंदर मचाई तबाही

​पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच हुए हवाई संघर्ष (ऑपरेशन सिंदूर) में S-400 गेम-चेंजर साबित हुआ था।

  1. सबसे लंबा एयर किल: S-400 ने सीमा के पार करीब 300 किमी की दूरी से पाकिस्तान के एक हाई-वैल्यू जासूसी प्लेन को मार गिराया था।
  2. मिसाइल हंटर: 4 दिनों की लड़ाई के दौरान इस सिस्टम ने पाकिस्तान की कई क्रूज और बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया और 5-6 फाइटर जेट्स को धूल चटा दी।

चीन की तकनीक ‘फेल’, रूस का जलवा बरकरार

​इस डील का सबसे बड़ा संदेश चीन के लिए है। हालिया युद्धों में चीनी एयर डिफेंस सिस्टम HQ-9 का प्रदर्शन बेहद शर्मनाक रहा है:

  • वेनेजुएला: पिछले महीने अमेरिकी कार्रवाई के दौरान HQ-9 नेतृत्व को बचाने में विफल रहा।
  • ईरान: इजरायल और अमेरिका के ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के दौरान चीनी डिफेंस सिस्टम मिसाइलों को ट्रैक तक नहीं कर पाए। यही वजह है कि भारत ने चीनी तकनीक के मुकाबले रूसी S-400 पर दोबारा भरोसा जताया है।

जल्द जारी होगा टेंडर, मिसाइलों की भी होगी बड़ी खरीद

​भारतीय वायु सेना न केवल स्क्वाड्रन, बल्कि बड़ी संख्या में मिसाइलें खरीदने पर भी विचार कर रही है। रूसी अधिकारियों के साथ बातचीत अंतिम दौर में है और जल्द ही इसका ग्लोबल टेंडर फिर से जारी किया जा सकता है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि 10 S-400 सिस्टम होने के बाद चीन और पाकिस्तान की वायुसेना भारत की सीमा में झांकने की हिम्मत भी नहीं करेगी।

VOB का नजरिया: बिहार के लिए क्यों है गर्व की बात?

​रक्षा क्षेत्र में भारत की यह मजबूती हर बिहारी के लिए गर्व का विषय है, क्योंकि भारतीय वायुसेना में बिहार के हजारों जांबाज तैनात हैं। सीमाएं सुरक्षित होंगी, तभी देश और प्रदेश प्रगति करेगा। मिडिल ईस्ट के संकट के बीच भारत का यह कदम दिखाता है कि ‘नया भारत’ अपनी सुरक्षा के लिए किसी भी देश पर निर्भर रहने के बजाय अपनी शर्तों पर सौदे करता है।

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