भागलपुर/मालदा | रेल पटरियों पर आए दिन होने वाले हादसों और अवैध क्रॉसिंग को रोकने लिए मालदा रेल मंडल ने कमर कस ली है। मंडल रेल प्रबंधक (DRM) मनीष कुमार गुप्ता के निर्देश पर 7 फरवरी 2026 को आरपीएफ पोस्ट भागलपुर और इंजीनियरिंग विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर अवैध रास्तों की नाकेबंदी कर दी।
1. अवैध रास्तों पर ‘नो एंट्री’: खोद दिए रास्ते, लगा दी बैरिकेडिंग
रेलवे ने भागलपुर-बांका-दुमका सेक्शन पर उन अवैध क्रॉसिंग प्वाइंट्स को चिन्हित किया, जहां से लोग जान जोखिम में डालकर गाड़ियां निकालते थे।
- बैरिकेडिंग: दोपहिया, तीन-पहिया और चार-पहिया वाहनों के गुजरने वाले अवैध रास्तों को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया है।
- ट्रेंचिंग: कई जगहों पर रास्तों को खोदकर (Trenching) गहरा कर दिया गया है ताकि वहां से कोई वाहन पटरी के पास न आ सके।
2. धौनी-बाराहाट के पास चली जेसीबी, 6 झोपड़ियां हटाईं
सुरक्षा अभियान के तहत धौनी–बाराहाट रेलवे लाइन के पास अतिक्रमण के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।
- हटाया कब्जा: रेलवे ने पटरी के बिल्कुल करीब बनी 6 अवैध झोपड़ियों को हटा दिया है।
- वजह: ये झोपड़ियां ट्रैक सुरक्षा के लिए खतरा बनी हुई थीं। रेलवे ने साफ किया है कि पटरी किनारे अतिक्रमण अब बर्दाश्त नहीं होगा।
3. अब नहीं लेट होंगी ट्रेनें, सुधरेगा परिचालन
रेलवे का कहना है कि अवैध क्रॉसिंग के कारण अक्सर ट्रेनों की स्पीड कम करनी पड़ती थी और हादसे का डर बना रहता था।
- फायदा: इन रास्तों के बंद होने से ट्रेनों का परिचालन सुचारू (Smooth) होगा और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी।
- अपील: मालदा मंडल ने आम जनता से अपील की है कि रेल सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है, इसलिए अवैध क्रॉसिंग का इस्तेमाल न करें। रेलवे ने चेतावनी दी है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।


