भारतीय सेना ने चीन को लौटाया उसका सैनिक

भारतीय सेना ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के सैनिक कॉर्पोरल वांग या लांग को चीन को सौंप दिया है, गौरतलब है कि लद्दाख के डेमचोक में कथित रूप से भूलवश आए चीनी सैनिक को भारतीय सेना ने हिरासत में लिया था, चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने भी इस बारे में ट्वीट करके भारतीय सेना का आभार जताया है,

टाइम्स ने इस बारे में एक ट्वीट किया है, जिसमें उसने कहा है कि रविवार को इंडो-चाइना सीमा के पास याक को खोजने में मदद करने के दौरान लापता हुए पीएलए सैनिक को बुधवार तड़के भारतीय सेना द्वारा चीनी सीमा सैनिकों को वापस कर दिया गया है।

आपको बता दें कि सीनी सैनिक कॉर्नोरल वांग हां लॉन्‍ग, डेमचोक में पकड़ा गया था और ऐसी खबर आई थी कि भारत उसे रिहा करने जा रहा है लेकिन चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) को वापस सौंपने से पहले उससे पूछताछ की गई है। सेना ने अपने बयान में कहा था कि चीनी सैनिक कॉर्नोरल वांग हां लॉन्‍ग को अधिक ऊंचाई और कठोर जलवायु परिस्थितियों से बचाने के लिए ऑक्सीजन, भोजन और गर्म कपड़े सहित चिकित्सा सहायता प्रदान की गई है। PLA ने दावा किया था कि उसका एक सैनिक चरवाहे की याक ढूंढने में मदद करते हुए रात को खो गया था और इस दौरान वह भारतीय सीमा में आ गया।

आपको बता दें कि नियम के मुताबिक शांति काल में जब भी किसी देश का सैनिक दूसरे देश में पाया जाता है तो सबसे पहले उसकी तलाशी ली जाती है, क्योंकि ऐसी परिस्थितियों में सबसे ज्यादा डर जासूसी का होता है। इसके बाद पकड़े गए शख्स की पहचान मालूम की जाती है और उसके बाद उसके पकड़े जाने की सूचना दूसरे पक्ष को दी जाती है0 जबकि युद्ध या टकराव की स्थिति में युद्ध में शामिल या किसी सामान्य सैनिक को अगर विरोधी देश किसी सैनिक कार्रवाई के बाद पकड़ता है तो वो देश उसे युद्धबंदी के तौर पर रख सकता है।

इसलिए ही कहा जा रहा था कि भले ही इस वक्त भारत-चीन के बीच तनाव चल रहा है लेकिन अभी युद्द जैसी स्थिति नहीं है, ऐसे में इंडियन आर्मी ने अतंरराष्ट्रीय कायदे कानून का सम्मान करते हुए इस चीनी सैनिक को रिहा करने का फैसला लिया।

 

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