इतिहास लिखने के करीब हिंदुस्तान, पृथ्वी को पार कर चांद की कक्षा में पहुंचा चंद्रयान

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने देश का सिर फख्र से ऊंचा कर दिया है। करीब 22 दिन की यात्रा के बाद चंद्रयान-3 पृथ्वी की कक्षा को पार करते हुए अब चांद की कक्षा में प्रवेश कर गया है। अब यह चंद्रयान तेज गति से चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव की ओर आगे बढ़ रहा है। अगस्त के आखिरी हफ्ते में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर के उतरते ही भारत एक ऐसा इतिहास रचने वाला है, जिसे आज तक दुनिया का कोई देश नहीं रच पाया है। बता दें कि चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पूरी तरह अंधेरा है। यहां के बारे में अभी तक किसी भी देश के वैज्ञानिकों को कोई सटीक जानकारी नहीं है। अभी तक दुनिया का कोई भी देश चांद के दक्षिणी ध्रुव पर नहीं पहुंच पाया है।

इसरो ने कहा कि चंद्रयान-3 अंतरिक्ष यान ने 14 जुलाई को प्रक्षेपण के बाद से चंद्रमा की लगभग दो-तिहाई दूरी तय कर चुका है। अब 23-24 अगस्त को इसके चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने की उम्मीद है। चंद्रयान-3 को प्रक्षेपित किए जाने के बाद से उसे कक्षा में ऊपर उठाने की प्रक्रिया को पांच बार सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। एक अगस्त को अंतिरक्ष यान को पृथ्वी की कक्षा से ऊपर उठाकर चंद्रमा की ओर बढ़ाने की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया गया और यान को ‘ट्रांसलूनर कक्षा’ में डाल दिया गया। इसरो के अनुसार आज एक और महत्वपूर्ण प्रयास में अंतरिक्ष यान को चंद्रमा की कक्षा में स्थापित कर दिया गया है।

चांद की कक्षा में पहुंचा चंद्रयान

राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी ने शनिवार को कहा कि अंतरिक्ष यान को चंद्रमा की कक्षा में स्थापित कर दिया गया है। 6 अगस्त को अगला चरण भी पूरा किया जाएगा। इसरो ने कहा कि यह प्रयास तब किया गया, जब चंद्रयान-3 चंद्रमा के सबसे पास था। इसरो के अनुसार वह 23,24 अगस्त को चंद्रयान-3 की चंद्रमा की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ कराने की कोशिश करेगा।

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