4 लाख से अधिक शहरी महिलाओं ने आवेदन किया
पटना, 21 सितंबर। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं में नई उम्मीद जगाई है। यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और स्वालंबी बनाने का अवसर प्रदान कर रही है।
इस योजना में ग्रामीण क्षेत्र के अलावा शहरी इलाकों की महिलाएं भी बड़ी संख्या में हिस्सा ले रही हैं। अब तक शहरी क्षेत्रों में कार्यरत 4,66,000 जीविका दीदियों ने आवेदन किया है। इसके साथ ही स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) से जुड़ने के लिए 4,04,000 से अधिक शहरी महिलाओं ने आवेदन किया है।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
- योजना के तहत डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से प्रत्येक पात्र महिला को 10,000 रुपये की पहली किस्त दी जाएगी।
- कुल 5,000 करोड़ रुपये की राशि महिलाओं के बीच वितरित की जाएगी।
- पहली किस्त से महिलाएं खेती, पशुपालन, हस्तशिल्प, सिलाई-बुनाई या छोटे व्यवसाय शुरू कर सकती हैं।
- लगभग छह महीने बाद 2 लाख रुपये की अगली किस्त मिलने की संभावना है, जिससे व्यवसाय को बढ़ावा मिलेगा।
ग्रामीण महिलाओं की भागीदारी
ग्रामीण क्षेत्रों में योजना के तहत 1,05,00,000 जीविका दीदियों ने लाभ लेने के लिए आवेदन किया है। इसके अलावा 1,40,000 से अधिक महिलाओं ने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने के लिए आवेदन किया है।
योजना के लिए पात्रता
- परिवार में पति-पत्नी और अविवाहित बच्चे शामिल होने चाहिए।
- अविवाहित वयस्क महिलाएं जिनके माता-पिता जीवित नहीं हैं, वे भी पात्र होंगी।
- उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- आवेदिका या उनके पति आयकरदाता नहीं होने चाहिए।
- आवेदिका या उनके पति सरकारी सेवा (नियमित या संविदा) में नहीं होना चाहिए।
- योजना के लिए सभी जीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाएं पात्र हैं।
आवेदन प्रक्रिया
ग्रामीण क्षेत्र:
- एसएचजी से जुड़ी महिलाएं अपने ग्राम संगठन में आवेदन जमा करेंगी।
- ग्राम संगठन स्तर पर विशेष बैठक आयोजित कर समूह के सभी सदस्यों का समेकित प्रपत्र तैयार किया जाएगा।
- जो महिलाएं स्वयं सहायता समूह से नहीं जुड़ी हैं, उन्हें पहले समूह में शामिल होकर आवेदन करना होगा।
शहरी क्षेत्र:
- शहरी महिलाएं जीविका की आधिकारिक वेबसाइट www.brlps.in पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।
- पहले से स्वयं सहायता समूह से जुड़ी शहरी महिलाओं को ऑनलाइन आवेदन करने की आवश्यकता नहीं है।


