18वीं लोकसभा में 179 MP किसान तो 100 बिजनेसमैन; जानें 542 सांसदों का पेशा

18वीं लोकसभा का पहला आज से शुरू हो चुका है। सभी सांसद आज पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। लोकसभा का पहला सत्र 3 जुलाई तक चलेगा। इस बीच इस लोकसभा में 280 सांसद पहली बार चुनकर आए हैं। वहीं बात करें सांसदों के पेशे की तो पता चलता है कि अधिकतर सांसदों का पेशा कृषि, समाज सेवा और बिजनेस हैं।

18वीं लोकसभा में हार्ट स्पेशलिस्ट और प्रोफेसरों से लेकर अभिनेता और क्रिकेटर सांसद तक शामिल हैं। हालांकि इस बार सोशल वर्कर, किसानी और व्यवसाय को अपना पेशा बताने वाले सांसदों की संख्या में कमी आई है। जबकि 17वीं लोकसभा में इनकी संख्या सबसे ज्यादा थी।

17वीं और 18वीं लोकसभा के सांसदों की पेशेवर जानकारी लोकसभा की वेबसाइट पर है। जिससे यह पता चलता है कि कृषि, सोशल वर्कर और बिजनेस को पेशा बताने वाले सांसदों की संख्या सबसे ज्यादा है।

कृषि से जुड़े हैं 179 सांसद

बात करें कृषि को अपना पेश बताने वाले सांसदों की, तो पता चलता है कि देश के 543 निर्वाचित सांसदों में से 179 सांसद कृषि से जुड़े हैं। वहीं भारत की अधिकांश जनसंख्या खेती पर निर्भर करती है। हालांकि पिछली लोकसभा की तुलना में इस बार 8 प्रतिशत की कमी आई है। पिछली बार 230 सांसद पेश के तौर कृषि से जुड़े थे। कृषि से जुड़े सबसे अधिक सांसद भाजपा के पास हैं। बीजेपी के 240 में से 79 सांसद कृषि से जुड़े हैं। इसके बाद कांग्रेस के 99 में से 29, समाजवादी पार्टी के 37 में से 23, तृणमूल कांग्रेस के 29 में से दो, तथा डीएमके के 22 में से नौ सांसद कृषि से जुड़े हैं।

18वीं लोकसभा में 115 सांसद या सदन के 21.22% सांसद ऐसे हैं जिनका पेशा सोशल वर्क है। पिछली लोकसभा की तुलना में सोशल वर्कर की संख्या में 13.13 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है, जिसमें 192 सांसद या 34.35% सोशल वर्कर के काम में लगे हुए थे।

18वीं लोकसभा में सांसद बने हैं 39 वकील

नए सदन में बिजनेस को अपना पेशा बताने वाले सांसदों की संख्या 100 है। हालांकि यह आंकड़ा भी पिछली बार की तुलना में कम है। पिछली बार 144 सांसद बिजनेस से जुड़े थे। 18वीं लोकसभा में इस बार बड़ी संख्या में वकील भी पहुंचे हैं। इनकी संख्या 39 है। वहीं 28 सांसद ऐसे हैं जो चिकित्सा से जुड़े हैं। नई लोकसभा में 70 सांसद ऐसे हैं जिन्होंने राजनीति को अपना पेशा बताया है। फिल्म, टीवी और संगीत उद्योग से जुड़े सांसदों की संख्या में भी इस बार कमी आई है। पिछली बार इनकी संख्या 22 थी इस बार घटकर 12 हो गई है।

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