सहरसा में दरिंदगी की हदें पार: नाबालिग को 3 महीने तक हवस का शिकार बनाता रहा ट्रैक्टर चालक; गर्भवती हुई तो खिलाई जहरीली दवा

द वॉयस ऑफ बिहार | सहरसा/बिहरा

​बिहार के सहरसा जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। बिहरा थाना क्षेत्र में एक 14 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ पिछले तीन महीनों से लगातार दुष्कर्म किया जा रहा था। हैवानियत का यह सिलसिला तब थमा जब किशोरी गर्भवती हो गई और आरोपी ने अपनी गर्दन बचाने के लिए उसे गर्भपात की जहरीली दवा खिला दी, जिससे उसकी जान पर बन आई।

ईंट हटाने के बहाने ले जाता था खेत

​पीड़िता की माँ ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोपी की घिनौनी साजिश का पर्दाफाश किया है। आरोपी युवक, जो गाँव में ही ट्रैक्टर चालक का काम करता है, ने नाबालिग को झांसे में लेने का रास्ता निकाला था।

  • साजिश: वह अक्सर खेत में ईंटें हटाने या छोटे-मोटे कामों में मदद के बहाने बच्ची को बुलाकर ले जाता था।
  • दुष्कर्म: एकांत का फायदा उठाकर वह पिछले 3 महीनों से डरा-धमकाकर उसके साथ दुष्कर्म कर रहा था।
  • परिणाम: लगातार शारीरिक शोषण के कारण मासूम तीन महीने की गर्भवती हो गई।

गर्भपात की दवा से बिगड़ी तबीयत; सदर अस्पताल में भर्ती

​जब आरोपी को पता चला कि नाबालिग गर्भवती है, तो उसने अपना जुर्म छिपाने के लिए किशोरी को गर्भपात की टैबलेट खिला दी। दवा खाते ही बच्ची की हालत गंभीर हो गई और वह असहनीय दर्द से तड़पने लगी।

  • इलाज: परिजनों ने आनन-फानन में उसे स्थानीय अस्पताल पहुँचाया, जहाँ से डॉक्टरों ने उसे सहरसा सदर अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल डॉक्टरों की विशेष टीम उसकी जान बचाने की कोशिश कर रही है।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई: आरोपी गिरफ्तार

​बिहरा थाना अध्यक्ष शशि कुमार राणा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एक्शन लिया है।

  • FIR: पीड़िता की माँ के बयान पर दुष्कर्म और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की संगीन धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
  • गिरफ्तारी: पुलिस ने छापेमारी कर आरोपी युवक को दबोच लिया है। कानूनी कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
  • अगली कार्रवाई: पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी है।
  • Related Posts