पूर्णिया | 02 मार्च, 2026: बिहार के पूर्णिया जिले से रिश्तों के ताने-बाने को झकझोर देने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने न सिर्फ दो परिवारों को सुन्न कर दिया है, बल्कि पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। यहाँ एक तयशुदा शादी के बीच ‘दूल्हा’ अपनी होने वाली ‘दुल्हन’ को छोड़कर उसकी मां (होने वाली सास) के साथ ही फरार हो गया। इस अजीबोगरीब प्रेम कहानी का अंत निकाह/शादी के रूप में हुआ है, जिसने समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
बेटी के पास फोन नहीं था, तो ‘मां’ बनी जरिया
जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला एक अरेंज मैरिज (तयशुदा शादी) से शुरू हुआ था। युवक और युवती का रिश्ता पारिवारिक रजामंदी से तय किया गया था। दोनों घरों में शादी की शहनाइयां गूँजने की तैयारी थी। लेकिन यहाँ एक छोटी सी कमी ने पूरे खेल को पलट दिया। होने वाली दुल्हन के पास अपना निजी मोबाइल फोन नहीं था, इसलिए जब भी दूल्हे को अपनी मंगेतर से बात करनी होती, वह अपनी होने वाली सास के मोबाइल पर फोन लगाता था।
‘हेलो’ से शुरू हुआ सिलसिला और बदल गए जज्बात
शुरुआत में बातचीत केवल शादी की रस्मों और तैयारियों तक सीमित थी। दूल्हा अक्सर अपनी होने वाली सास से फोन पर घर-परिवार की बातें करता था। लेकिन धीरे-धीरे यह बातचीत लंबी होने लगी। मंगेतर से बात करने के बहाने होने वाली सास और दामाद के बीच घंटों चर्चा होने लगी।
सूत्रों की मानें तो, फोन पर होने वाली इन लंबी बातों ने दोनों के बीच एक भावनात्मक सेतु बना दिया। बातचीत के दौरान दामाद अपनी होने वाली सास की समझदारी और व्यक्तित्व का कायल हो गया, तो दूसरी ओर महिला को भी युवक का साथ पसंद आने लगा।
“अभी मेरी उम्र ही क्या है…” और पलट गई बाजी
इस प्रेम कहानी में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट तब आया जब बातचीत के दौरान महिला ने अपनी उम्र और अरमानों को लेकर एक बेबाक टिप्पणी की। महिला ने कथित तौर पर युवक से कहा— “अभी मेरी उम्र ही क्या है।” इस एक वाक्य ने दामाद के मन में दबी इच्छाओं को हवा दे दी और उसे लगा कि उसकी होने वाली सास ही उसकी असली जीवनसंगिनी बन सकती है।
शादी की जगह ‘फरारी’ और फिर निकाह
जैसे-जैसे शादी की तारीख नजदीक आ रही थी, इन दोनों का रिश्ता और गहरा होता गया। आखिरकार, लोक-लाज और समाज की परवाह किए बिना दोनों ने एक साथ रहने का फैसला कर लिया। एक दिन अचानक दोनों घर से गायब हो गए। परिजनों ने काफी खोजबीन की, लेकिन जब सच सामने आया तो सबके पैरों तले जमीन खिसक गई। पता चला कि दोनों ने आपसी सहमति से शादी कर ली है और अब पति-पत्नी के रूप में साथ रह रहे हैं।
VOB का नजरिया: उलझते रिश्ते और सोशल इम्पैक्ट
पूर्णिया की यह घटना बिहार के ग्रामीण इलाकों में रिश्तों के बदलते स्वरूप की एक और बानगी है। जहाँ एक ओर युवती का घर बसने से पहले ही उजड़ गया, वहीं समाज में इस रिश्ते को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं हो रही हैं। लोग हैरान हैं कि जो युवक ‘दामाद’ बनकर घर की चौखट पर आने वाला था, वही अब परिवार का सदस्य एक बिल्कुल अलग और विवादित रूप में बन गया है। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि रिश्तों की बिसात पर कब कौन सी चाल चल दी जाए, इसका अंदाजा लगाना नामुमकिन है।


