पूर्णिया, बिहार – जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत राजीगंज पंचायत के टेटगामा वार्ड-10 से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां डायन बताकर एक ही परिवार के पांच सदस्यों को जिंदा जलाकर मार देने का आरोप है। इस जघन्य वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।
मृतकों में बाबूलाल उरांव, उनकी पत्नी सीता देवी और परिवार के अन्य सदस्य शामिल हैं। इस वारदात में परिवार का इकलौता बेटा सोनू किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहा, जिसने पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, गांव के कुछ लोगों को बाबूलाल की पत्नी सीता देवी पर “डायन” होने का शक था। उसी अंधविश्वास के चलते परिवार को निशाना बनाया गया। आरोप है कि हमलावरों ने परिवार को घर में बंद कर आग लगा दी। घटना को अंजाम देने के बाद शवों को गायब करने की कोशिश की गई, जिसकी जांच अब पुलिस कर रही है।
मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है और अपराधियों की तलाश जारी है। घटनास्थल से कई अहम सुराग जुटाए गए हैं। इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए वरीय पुलिस अधिकारी भी कैंप कर रहे हैं।
यह घटना एक बार फिर बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में अंधविश्वास और सामाजिक कुप्रथाओं की भयावह सच्चाई को उजागर करती है।


