बिहार के डिप्टी सीएम सह गृहमंत्री सम्राट चौधरी द्वारा अपराधियों को मुख्यधारा में लौटने की लगातार चेतावनी के बीच मुजफ्फरपुर पुलिस ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाया है। SSP कांतेश मिश्रा के निर्देश पर जिले के सभी 46 थाना क्षेत्रों में एक साथ महाअभियान चलाया गया, जिससे अपराधियों में हड़कंप मच गया।
299 ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई
पुलिस ने हत्या, लूट, दुष्कर्म समेत गंभीर मामलों में लंबे समय से फरार अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 299 ठिकानों पर बुलडोजर चलाया। यह कार्रवाई जिले में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर एक साथ की गई। भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के बीच अलग-अलग थाना क्षेत्रों में अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया।
थानों में लगी सरेंडर की कतार
इस सख्त कार्रवाई का सीधा असर यह हुआ कि 46 संगीन मामलों में फरार चल रहे अपराधी डर के मारे थानों में पहुंचकर आत्मसमर्पण करने लगे। अभियान के दौरान कुल 264 फरार अभियुक्तों के ठिकानों पर कार्रवाई की गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अभियान से पहले 310 फरार अपराधियों की सूची तैयार की गई थी, जिसमें से 299 ठिकानों को चिन्हित कर एक साथ कार्रवाई की गई।
अपराधियों के लिए अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं
SSP कांतेश मिश्रा ने साफ कहा कि जिले में अपराध और अपराधियों के लिए अब कोई जगह नहीं है। फरार अभियुक्त या तो कानून के सामने आत्मसमर्पण करें, अन्यथा उनकी अवैध संपत्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि लंबित मामलों के निष्पादन, वारंट और कुर्की की कार्रवाई तेज कर दी गई है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
एसएसपी ने बताया कि साइबर अपराध पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है और लोगों को जागरूक करने के लिए थाना स्तर पर जनता दरबार लगाए जाएंगे। साथ ही अगले छह महीनों की कार्ययोजना तैयार की जा रही है, जिसके तहत कुर्की-जब्ती और सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
पुलिस के इस कड़े रुख से जिले में आम लोगों के बीच सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है, जबकि अपराधियों में स्पष्ट रूप से खौफ का माहौल देखा जा रहा है।


