मुजफ्फरपुर में सगे बेटे ने दोस्तों के साथ मिलकर घर में ही डाल दिया डाका; 15 लाख के गहने ‘कौड़ियों’ के भाव बेचे

साहेबगंज (मुजफ्फरपुर) | 10 मार्च, 2026: मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज थाना क्षेत्र से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने ‘संस्कार और परवरिश’ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहाँ एक किशोर ने बाहर के अपराधियों के साथ नहीं, बल्कि अपने ही दोस्तों के साथ मिलकर अपने सगे घर को ही लूट लिया। बाराडीह गांव में हुई इस वारदात ने पूरे इलाके को चौंका दिया है, जहाँ घर के ‘चिराग’ ने ही अपनों की मेहनत की कमाई पर हाथ साफ कर दिया।

1. 5 मार्च की वो ‘काली रात’: जब अपनों ने ही दिया दगा

​घटना बीते 5 मार्च की है। बाराडीह गांव के एक घर में जब सब बेखबर थे, तब घर के ही एक किशोर ने सुनियोजित तरीके से चोरी की घटना को अंजाम दिया।

  • लूट का सामान: अलमारी तोड़कर करीब 15 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने और 3500 रुपये नकद उड़ा लिए गए।
  • अपराध में साथी: किशोर इस वारदात में अकेला नहीं था; उसने अपने कुछ करीबी दोस्तों को भी इस साजिश में शामिल किया था।
  • खुलासा: जब घर वालों को गहने गायब मिले और पुलिसिया तफ्तीश शुरू हुई, तो शक की सुई घर के ही सदस्य पर घूमी। कड़ाई से पूछताछ में सारा सच ‘आईने’ की तरह साफ हो गया।

2. ‘लालच’ की मंडी: ज्वेलर्स के पास खपाए चोरी के गहने

​चोरी करने के बाद किशोर और उसके दोस्तों ने इन कीमती आभूषणों को साहेबगंज बाजार में ठिकाने लगा दिया।

  • ज्वेलर्स पर एक्शन: साहेबगंज बाजार स्थित एक स्वर्ण व्यवसायी को ये गहने बेचे गए थे।
  • आरोपी दुकानदार: पुलिस ने इस मामले में ज्वेलरी दुकान के संचालक रोहित राज को भी नामजद आरोपी बनाया है। कानून के मुताबिक, चोरी का सामान खरीदना भी उतना ही बड़ा अपराध है जितना चोरी करना।

3. वारदात का ‘क्राइम प्रोफाइल’

विवरण

जानकारी

घटनास्थल

बाराडीह गांव, साहेबगंज (मुजफ्फरपुर)

चोरी की तारीख

05 मार्च, 2026

कुल चपत

15 लाख के गहने + ₹3,500 कैश

मुख्य साजिशकर्ता

घर का ही एक किशोर (नाबालिग)

सह-आरोपी

किशोर के दोस्त और ज्वेलर्स रोहित राज

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​मुजफ्फरपुर की यह घटना समाज के लिए एक ‘वेक-अप कॉल’ है।

​अक्सर बुरी संगत और रातों-रात अमीर बनने की चाहत किशोरों को अपराध की दलदल में धकेल देती है। जब एक बच्चा अपने ही घर की तिजोरी तोड़ने लगे, तो समझ लेना चाहिए कि नैतिक मूल्यों की बुनियाद हिल चुकी है। इसमें उस ज्वेलर्स की भी बड़ी भूमिका है, जिसने बिना किसी रसीद या पहचान के एक नाबालिग से लाखों के गहने खरीद लिए। पुलिस को चाहिए कि ऐसे ‘सफेदपोश’ खरीदारों पर सख्त कार्रवाई करे ताकि चोरी के सामान की ‘मंडी’ बंद हो सके।

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