मुजफ्फरपुर में खुद के पिस्टल की गोली चलने से जख्मी हुआ मीट कारोबारी, पुलिस ने हथियार के साथ किया गिरफ्तार

मुजफ्फरपुर के सकरा थाना क्षेत्र में बीते दिनों गोली लगने से मीट कारोबारी घायल हुआ हो गया था। घायल मीट कारोबारी ने अज्ञात अपराधियों पर गोली मारने का आरोप लगाया था। सूचना मिलते ही तत्काल मौके पर पहुंचकर सकरा थाना के सब इंस्पेक्टर राजू कुमार पाल ने मामले की जांच की थी। अब घटना के महज 72 घंटे के अंदर सकरा थाना की पुलिस ने पूरे मामले का सफलतापूर्वक उद्वेदन कर लिया है।

पूरे मामले की जानकारी देते हुए एसडीपीओ पूर्वी टू मनोज कुमार सिंह ने बताया कि बीते दिनों सकरा थाना क्षेत्र में गोली लगने से एक मीट कारोबारी घायल हो गया था। जिसका मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। मामले की सूचना मिलते ही सकरा थाना की पुलिस मामले की जांच में जुट गई थी। इस दौरान मीट कारोबारी ने अज्ञात अपराधियों पर गोली मारने का आरोप लगाया था।

अब पूरे मामले का घटना के महज 72 घंटे के अंदर ही सकरा थाना की पुलिस ने सफलतापूर्वक उद्वेदन कर लिया है। बताया गया है कि गोली बारी की घटना में घायल मीट कारोबारी मोहम्मद राजू कुरैशी का अपने पड़ोसी मीट कारोबारी से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। जिसके बाद मोहम्मद राजू कुरैशी देर शाम अपने पड़ोसी मीट कारोबारी के दरवाजे पर पहुंच कई राउंड फायरिंग की थी। जिसके बाद वहा स्थानीय लोग जुट गए और मामले को शांत करा दिया। लेकिन राजू कुरैशी मानने  को तैयार नहीं था।

कुछ देर बाद वह एक बार फिर से अपने पड़ोसी मीट दुकानदार के दरवाजे पर पहुंचा और गोली मारने की धमकी देने लगा। फिर दोबारा स्थानीय लोग वहां पहुंचे और राजू कुरैशी को पकड़ने लगे। इसी दौरान उसके कमर में रखा गया पिस्टल से गोली चल गया और वह खुद के पिस्टल के गोली से घायल हो गया।

जिसके बाद वहां के लोगों के द्वारा आनन फानन में घायल राजु कुरेशी को ईलाज के लिए मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अब पुलिस ने घटना में प्रयुक्त पिस्टल को भी बरामद कर लिया है। साथ ही घायल मीट कारोबारी को भी पुलिस ने अपने अभिरक्षा में ले लिया है।

  • ये भी पढ़े..

    जन सुराज ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से की शिकायत, कार्यकर्ताओं को परेशान करने और आचार संहिता उल्लंघन का लगाया आरोप

    Share Add as a preferred…

    लोकसभा में सांसद अजय कुमार मंडल ने उठाया भागलपुर उपभोक्ता आयोग का मुद्दा, तीन वर्षों में दर्ज मामलों से अधिक का हुआ निपटारा

    Share Add as a preferred…