खगड़िया जिले से एक विवादित मामला सामने आया है, जहां जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के मीडिया सेल से जुड़े एक पदाधिकारी पर कथित तौर पर दबंगई दिखाने और युवक के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
अलौली प्रखंड के हरिपुर पंचायत का बताया जा रहा है मामला
मिली जानकारी के अनुसार यह घटना अलौली प्रखंड अंतर्गत हरिपुर पंचायत की बताई जा रही है। आरोप है कि जदयू मीडिया सेल के बिहार प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार मंडल एक स्थानीय दुकान में पहुंचे और वहां मौजूद युवक के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार किया। वायरल वीडियो में दुकान के अंदर हंगामा और मारपीट जैसी स्थिति देखी जा रही है।
सत्ता के रौब में धमकी देने का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित नेता ने अपने राजनीतिक पद और सत्ताधारी दल से जुड़े होने का हवाला देते हुए दबाव बनाने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के दौरान दुकान में मौजूद लोगों में दहशत का माहौल बन गया। लोगों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
पहले भी विवादों में रह चुके हैं आरोपित
ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों का दावा है कि यह पहला मौका नहीं है जब आरोपित का नाम किसी विवाद में सामने आया हो। बताया जा रहा है कि इससे पहले हरिपुर हाई स्कूल के प्रधानाचार्य के साथ कथित मारपीट की घटना में भी उनका नाम जुड़ चुका है। साथ ही, उनके खिलाफ पहले से भी कुछ मामले दर्ज होने की चर्चा स्थानीय स्तर पर की जा रही है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
वीडियो वायरल होने के बाद बढ़ी हलचल
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन और पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस कोई संज्ञान लेगी या नहीं। फिलहाल इस मामले में पुलिस या जदयू की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
कानून-व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि राजनीतिक पदों पर बैठे लोग इस तरह का व्यवहार करेंगे, तो आम नागरिकों का कानून और व्यवस्था से भरोसा उठ सकता है। लोगों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाए, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा क्यों न हो।
फिलहाल वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों के बाद यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सबकी नजर प्रशासन और संबंधित राजनीतिक दल की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है।


