- खूनी संघर्ष: घोसी के वैना गांव में बारात के दौरान नाच को लेकर भिड़े दो पक्ष।
- बड़ा नुकसान: पटना के दीदारगंज से आए 15 वर्षीय किशोर सन्नी कुमार की पीट-पीटकर हत्या।
- जांच शुरू: पुलिस खंगाल रही है शादी की वीडियो रिकॉर्डिंग, आरोपियों की पहचान में जुटी SIT।
नाच के बीच मचा ‘मौत का शोर’: बारात में लाठी-डंडों से हमला
जहानाबाद: जिले के घोसी थाना क्षेत्र के वैना गांव में सोमवार की रात एक शादी समारोह उस वक्त अखाड़े में तब्दील हो गया, जब बारातियों और स्थानीय ग्रामीणों के बीच विवाद शुरू हो गया। पटना के दीदारगंज से आई इस बारात में ‘नाच’ का कार्यक्रम चल रहा था, तभी किसी मामूली बात को लेकर कहासुनी शुरू हुई। देखते ही देखते शरारती तत्वों ने लाठी-डंडों से बारातियों पर हमला बोल दिया। अचानक हुए इस हमले से बारात में भगदड़ मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
बुझ गया फतेहपुर का ‘इकलौता चिराग’: 15 साल के सन्नी की गई जान
इस खूनी संघर्ष का सबसे दर्दनाक पहलू 15 वर्षीय किशोर सन्नी कुमार की मौत रही। सन्नी, जो पटना के दीदारगंज (फतेहपुर) निवासी सदन पंडित का इकलौता पुत्र था, अपने गांव के अन्य बच्चों के साथ बड़ी उम्मीद और खुशी के साथ बारात देखने आया था।
हमले के बाद जब स्थिति शांत हुई, तो लोगों ने सन्नी को जमीन पर बेसुध पड़ा पाया। उसे आनन-फानन में जहानाबाद सदर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सन्नी की मौत की खबर मिलते ही शादी वाले घर में मातम पसर गया और परिजनों की चीख-पुकार से पूरा इलाका दहल उठा।
पुलिस का ‘डिजिटल’ हंटर: वीडियो रिकॉर्डिंग से होगी कातिलों की पहचान
घटना की गंभीरता को देखते हुए घोसी पुलिस और एसडीपीओ संजीव कुमार तुरंत एक्टिव हुए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
- वीडियो एविडेंस: पुलिस अब शादी समारोह के दौरान हुई वीडियो रिकॉर्डिंग और मोबाइल फोन से बनाए गए वीडियो को खंगाल रही है।
- पहचान की प्रक्रिया: एसडीपीओ ने साफ कर दिया है कि फुटेज के आधार पर उन सभी चेहरों को बेनकाब किया जाएगा जिन्होंने लाठी-डंडों से हमला किया था। पुलिस की मौजूदगी में ही डरी-सहमी बारात की अन्य रस्में पूरी कराई गईं।
VOB का नजरिया: ‘नाच’ और ‘नशा’ कब तक लेगा मासूमों की जान?
जहानाबाद की यह घटना कोई पहली बार नहीं है। बिहार के ग्रामीण इलाकों में शादियों में होने वाले ‘नाच’ कार्यक्रम अब मनोरंजन के बजाय रंजिश और वर्चस्व की जंग बनते जा रहे हैं। 15 साल का सन्नी, जो अपने माता-पिता का इकलौता सहारा था, उस तंत्र की भेंट चढ़ गया जहाँ उत्सवों में कानून का डर खत्म हो चुका है। जब तक बारात और भोज जैसे आयोजनों में हथियारों और लाठी-डंडों के प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक नहीं लगेगी, तब तक ऐसे ‘सन्नी’ सुरक्षित नहीं रहेंगे। पुलिस को केवल वीडियो नहीं खंगालना चाहिए, बल्कि उन लोगों पर भी कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए जिन्होंने एक छोटे से विवाद को ‘हत्या’ में बदल दिया।


