जमुई/सिकंदरा | 02 मार्च, 2026: जमुई जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र अंतर्गत जखड़ा गांव में रविवार की शाम गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठी। इबादत कर मस्जिद से बाहर निकले चार युवकों पर घात लगाए अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस हमले में एक ही परिवार के तीन सदस्यों सहित कुल चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें नाजुक हालत में पटना रेफर किया गया है।
इबादतगाह के बाहर बिछाया गया ‘मौत का जाल’
घटना रविवार शाम की है, जब जखड़ा गांव के युवक मगरिब की नमाज अदा कर मस्जिद से बाहर निकल रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही वे गेट पर पहुँचे, हमलावरों ने उन पर गोलियों की बौछार कर दी।
- घायलों की सूची: 1. नुमान खान (वार्ड सदस्य मकसूद खान के पुत्र) 2. अरबाज खान (17 वर्ष) 3. मोफिज खान (28 वर्ष) 4. अरमान खान (43 वर्ष)
- हालत: सभी घायलों को पहले जमुई सदर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पटना (PMCH) रेफर कर दिया है।
वजह: 6 महीने पुराना ‘मवेशी विवाद’ बना जान का दुश्मन
घायल नुमान के पिता और वार्ड सदस्य मकसूद खान ने इस हमले के पीछे पुरानी रंजिश का खुलासा किया है।
विवाद का इतिहास: मकसूद खान का आरोप है कि करीब छह महीने पहले पड़ोसी मो. नाटो उर्फ गुफान के साथ मवेशियों को लेकर एक छोटा सा विवाद हुआ था। उस वक्त मामला शांत हो गया था, लेकिन गुफान के मन में प्रतिशोध की आग सुलग रही थी। रविवार को मौका पाकर आरोपित पक्ष ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस की कार्रवाई: गांव में तनाव, गश्त तेज
घटना की सूचना मिलते ही सिकंदरा थाना पुलिस भारी बल के साथ जखड़ा गांव पहुँची। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।
VOB का नजरिया: क्या छोटी रंजिशों का अंत अब गोलियों से होगा?
जमुई की यह घटना डराने वाली है। महज एक मवेशी विवाद के कारण किसी के घर के आंगन को खून से लाल कर देना और इबादतगाह के बाहर हमला करना समाज में बढ़ते ‘गन कल्चर’ और असहिष्णुता को दर्शाता है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ प्रशासन से मांग करता है कि आरोपियों पर ऐसी सख्त कार्रवाई हो कि भविष्य में कोई मामूली बात पर हथियार उठाने की हिम्मत न करे।


