गोपालगंज में शराब तस्करों ने होमगार्ड जवान को मारी टक्कर, मौके पर मौत; परिजनों में मातम

गोपालगंज। बिहार के गोपालगंज जिले के विश्वंभरपुर थाना क्षेत्र के सिपाया पॉलिटेक्निक के पास शुक्रवार को शराब तस्करों ने होमगार्ड जवान अभिषेक शर्मा पर हमला कर दिया। बाइक सवार तस्करों ने जवान की बाइक में जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

मृतक की पहचान

मृतक की पहचान कुचायकोट थाना क्षेत्र के बंगाल खाड़ गांव निवासी, बादशाह शर्मा के 30 वर्षीय बेटे अभिषेक शर्मा के रूप में हुई है। अभिषेक अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। उनके निधन की खबर सुनते ही परिवार और पैतृक गांव में मातम छा गया।

घटना का क्रम

सूत्रों के अनुसार, अभिषेक शनिवार को सुबह गश्ती पर निकले थे। उनके साथ स्कॉर्पियो और बाइक पर सवार पुलिसकर्मी जितेंद्र भी थे। गश्ती के दौरान उन्हें शराब तस्करी की सूचना मिली। जैसे ही टीम सिपाया पॉलिटेक्निक के पास पहुँची, एक बाइक सवार शराब तस्कर ने होमगार्ड जवान की बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।

इससे दोनों जवान जितेंद्र और अभिषेक घायल हो गए। अभिषेक को सिर पर गंभीर चोटें आईं और उन्हें तत्काल सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

उत्पाद अधीक्षक की जानकारी

उत्पाद अधीक्षक अमृतेश कुमार ने बताया:

“सूचना मिली थी कि कुछ शराब तस्कर शराब की तस्करी कर रहे हैं। हमारी टीम ने उन्हें पकड़ने के लिए पीछा किया। इसी दौरान बाइक पर सवार तस्करों ने हमारे जवान अभिषेक की बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। गंभीर चोटों के कारण अभिषेक की अस्पताल ले जाने से पहले ही मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और शराब तस्करों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।”

परिवार का दर्द

अभिषेक के निधन की खबर से उनके परिवार में कोहराम मच गया है। परिवार के लोग लगातार सरकार और पुलिस प्रशासन से दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।

अभिषेक ने 2019 में होमगार्ड जवान के रूप में जॉइनिंग की थी। हाल ही में उन्हें उत्पाद विभाग में बलथरी चेकपोस्ट पर ड्यूटी पर लगाया गया था।

बिहार में शराबबंदी का संदर्भ

बता दें कि बिहार में 5 अप्रैल 2016 से शराबबंदी लागू है। यह फैसला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार द्वारा लिया गया था। शराबबंदी का उद्देश्य सामाजिक सुधार, महिलाओं की सुरक्षा, घरेलू हिंसा में कमी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को कम करना है।

पुलिस टीम पर हमले की बढ़ती घटनाएँ

शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करते समय पुलिस टीमों पर हमलों की खबरें लगातार आती रही हैं। उदाहरण के लिए:

  • जुलाई 2025: भोजपुर में उत्पाद विभाग की टीम पर हमला, जिसमें फायरिंग के दौरान एक ग्रामीण की मौत हुई।
  • मार्च 2025: छपरा में पुलिस टीम पर फायरिंग।

उत्पाद विभाग और पुलिस लगातार शराब तस्करों पर नकेल कस रही है, लेकिन कई क्षेत्रों में तस्करी पूरी तरह नहीं रुक पाई है।


 

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