भागलपुर के टाउन हॉल में सोमवार को भूमि सुधार जनकल्याण संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बिहार सरकार के उपमुख्यमंत्री सह भूमि एवं राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने आम नागरिकों से सीधे संवाद कर भूमि से जुड़ी समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना।
जनसंवाद के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपनी जमीन से संबंधित शिकायतें लेकर पहुंचे। उपमुख्यमंत्री ने कई मामलों में मौके पर ही संबंधित विभागीय अधिकारियों को बुलाकर त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आम जनता को बेवजह कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है।
जनसंवाद कार्यक्रम के पश्चात उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा समीक्षा भवन पहुंचे, जहां जिला प्रशासन एवं भूमि सुधार से जुड़े विभागों के अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की गई। बैठक में जनसंवाद के दौरान प्राप्त सभी आवेदनों और शिकायतों की बारीकी से समीक्षा की गई।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जनसंवाद में प्राप्त सभी आवेदनों का निपटारा हर हाल में 15 जनवरी तक किया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि भूमि विवाद, दाखिल-खारिज, सीमांकन और अतिक्रमण से जुड़ी कई गंभीर शिकायतें सामने आई हैं, जिन पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई होगी।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि 15 जनवरी के बाद सभी मामलों की दोबारा समीक्षा की जाएगी। जो अधिकारी बेहतर कार्य करेंगे उन्हें विभागीय स्तर पर प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर दोषी अधिकारियों को जिले से बाहर भी किया जा सकता है।
उपमुख्यमंत्री के इस सख्त और स्पष्ट रुख के बाद आम लोगों में यह उम्मीद जगी है कि वर्षों से लंबित भूमि मामलों का जल्द समाधान होगा और भूमि सुधार व्यवस्था में पारदर्शिता तथा विश्वास बढ़ेगा।


