
पटना: बिहार में तेजी से बढ़ते अपार्टमेंट कल्चर के बीच फ्लैटधारकों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट किया है कि अपार्टमेंट फ्लैट के लिए आवंटित भूमि के दाखिल-खारिज (mutation) पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। विभाग इस प्रक्रिया के लिए नई प्रणाली विकसित कर रहा है।
फ्लैटधारकों के लिए बदली व्यवस्था
अब तक अपार्टमेंट फ्लैटधारकों को आवंटित भूखंड का दाखिल-खारिज किया जा रहा था, लेकिन अब इसे स्थगित कर दिया गया है। विभाग ने सभी फ्लैट मालिकों से अनुरोध किया है कि वे:
- अंचल कार्यालय का दौरा न करें
- ऑनलाइन आवेदन से फिलहाल बचें
- नई प्रक्रिया के लागू होने तक प्रतीक्षा करें
अप्रैल 2025 में हुई थी रोक की घोषणा
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने अप्रैल 2025 में ही एक पत्र जारी कर यह घोषणा की थी कि अपार्टमेंट के तहत फ्लैटधारकों को दी गई भूमि के दाखिल-खारिज पर अस्थायी रोक लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि फ्लैट आधारित संपत्तियों के लिए व्यवस्थित और पारदर्शी प्रक्रिया तय की जा रही है ताकि भविष्य में विवाद और भ्रम की स्थिति से बचा जा सके।
पटना समेत अन्य शहरों में तेजी से बढ़ रहा है फ्लैट कल्चर
पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर जैसे शहरी इलाकों में अपार्टमेंट्स का निर्माण तेज़ी से हो रहा है। ऐसे में फ्लैट खरीदने वाले लोगों के लिए भूमि संबंधी वैधता और कागजी कार्रवाई बड़ी चिंता का विषय बन रही थी। विभाग की इस पहल को एक संरचित और डिजिटल प्रक्रिया की ओर कदम माना जा रहा है।
नई प्रणाली से क्या होंगे फायदे?
- पारदर्शिता बढ़ेगी
- दस्तावेज़ों की जाँच में आसानी
- भूमि विवादों में कमी
- फ्लैटधारकों को ऑनलाइन ट्रैकिंग की सुविधा


