कोलकाता/पटना | 23 फरवरी, 2026: उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल में ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण रेल परिचालन प्रभावित रहने वाला है। पूर्व रेलवे द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति (संख्या 2026/02/78) के अनुसार, 26 फरवरी 2026 को होने वाले इस ब्लॉक के कारण बिहार और बंगाल से गुजरने वाली कई ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है और कई प्रमुख ट्रेनों को घंटों की देरी से चलाया जाएगा।
इन ट्रेनों के बदले गए रूट (Diversion)
लखनऊ मंडल में काम के कारण निम्नलिखित ट्रेनें अपने नियमित मार्ग के बजाय परिवर्तित मार्ग से चलेंगी:
- 15734 भटिंडा–बलूरघाट एक्सप्रेस (25 फरवरी को चलने वाली): यह ट्रेन कानपुर सेंट्रल – प्रयागराज जंक्शन – चुनार – दीन दयाल उपाध्याय (DDU) के रास्ते डाइवर्ट की गई है। इस दौरान यह ट्रेन उन्नाव, लखनऊ, सुल्तानपुर, जौनपुर सिटी और वाराणसी जैसे स्टेशनों पर नहीं रुकेगी।
- 15743 बलूरघाट–भटिंडा एक्सप्रेस (25 फरवरी को चलने वाली): यह ट्रेन दीन दयाल उपाध्याय – चुनार – प्रयागराज जंक्शन – कानपुर सेंट्रल के रास्ते चलेगी। यह ट्रेन वाराणसी, जौनपुर, शाहगंज, अयोध्या धाम, अयोध्या कैंट, बाराबंकी और लखनऊ जैसे स्टेशनों को छोड़कर (स्किप करते हुए) चलेगी।
- 15668 कामाख्या–गांधीधाम एक्सप्रेस (25 फरवरी को चलने वाली): यह ट्रेन दीन दयाल उपाध्याय – चुनार – प्रयागराज जंक्शन – कानपुर सेंट्रल के रास्ते डाइवर्ट की गई है। यह ट्रेन वाराणसी, अयोध्या कैंट और लखनऊ स्टेशनों पर नहीं रुकेगी।
प्रमुख ट्रेनों की रफ़्तार पर ब्रेक: घंटों की होगी देरी
नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण कई महत्वपूर्ण ट्रेनों को रास्ते में नियंत्रित (Regulate) किया जाएगा, जिससे वे अपने निर्धारित समय से काफी लेट चलेंगी:
- 13010 योग नगरी ऋषिकेश–हावड़ा दून एक्सप्रेस (25 फरवरी): यह ट्रेन अपने समय से 180 मिनट (3 घंटे) की देरी से चलेगी।
- 13006 अमृतसर–हावड़ा मेल (25 फरवरी): इस ट्रेन को भी 180 मिनट (3 घंटे) के लिए नियंत्रित किया जाएगा।
- 12381 हावड़ा–नई दिल्ली पूर्वा एक्सप्रेस (26 फरवरी): यह ट्रेन अपने निर्धारित समय से 60 मिनट (1 घंटा) विलंब से चलेगी।
यात्रियों के लिए सलाह
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले ट्रेनों के परिवर्तित मार्ग और समय की जांच अवश्य कर लें। मार्ग परिवर्तन के कारण जिन स्टेशनों पर स्टॉपेज खत्म किए गए हैं, वहां के यात्रियों को वैकल्पिक ट्रेनों का सहारा लेना होगा।
द वॉयस ऑफ बिहार की रिपोर्ट: रेलवे के बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए यह कार्य अनिवार्य है, हालांकि इससे यात्रियों को थोड़ी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। ताजा अपडेट के लिए यात्री एनटीईएस (NTES) ऐप या रेलवे के आधिकारिक पूछताछ नंबर 139 पर संपर्क कर सकते हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार।


