रोहतास में पुलिस दबिश का असर: 2 लाख के इनामी कुख्यात अपराधी दीपक पांडेय ने किया आत्मसमर्पण

बिहार के रोहतास जिले में पुलिस की लगातार दबिश और कुर्की-जब्ती वारंट के दबाव में भोजपुर का कुख्यात अपराधी दीपक पांडेय आखिरकार न्यायालय में आत्मसमर्पण करने को मजबूर हो गया। दीपक पांडेय ने अनुमंडल व्यवहार न्यायालय में सरेंडर किया, जिसके बाद पुलिस ने उसे अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया।

दीपक पांडेय भोजपुर जिले के तरारी थाना क्षेत्र के भखुरा गांव का निवासी है। राज्य सरकार ने उस पर 2 लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस के अनुसार, वह लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

हत्या के प्रयास समेत कई संगीन मामले दर्ज

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, दीपक पांडेय पर आयर कोठा थाना क्षेत्र के एक गांव में हत्या के प्रयास (धारा 307) और आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज है। इस कांड के अन्य आरोपी पहले ही आत्मसमर्पण कर चुके थे, जबकि दीपक पांडेय फरार चल रहा था।

इसके अलावा भोजपुर जिले के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ धारा 341, 323, 307, 386 तथा आर्म्स एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। एक सप्ताह पहले ही अनुमंडल व्यवहार न्यायालय से उसके खिलाफ कुर्की-जब्ती का आदेश जारी हुआ था, जिसके बाद पुलिस दबाव लगातार बढ़ता गया।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, लगाए फर्जी मुकदमों के आरोप

आत्मसमर्पण के बाद दीपक पांडेय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में उसने भोजपुर और रोहतास पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसने दावा किया है कि उसे बेवजह फंसाया जा रहा है और उसके खिलाफ विरोधियों द्वारा फर्जी मुकदमे दर्ज कराए गए हैं।

वीडियो में उसने अपने दो भाइयों की हत्या और खुद पर गोली चलने की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वह लंबे समय से उत्पीड़न का शिकार है। साथ ही उसने भोजपुर एसपी की पहल पर कोर्ट में आत्मसमर्पण करने की बात कही और सभी मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की।

दीपक पांडेय ने कहा,
“मुझे भोजपुर और रोहतास पुलिस बेवजह फंसा रही है। सारे मामले विरोधियों द्वारा दर्ज कराए गए फर्जी मुकदमे हैं। मेरे दो भाइयों की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मुझे भी गोली मारी गई। भोजपुर के एसपी की पहल पर मैंने कोर्ट में आत्मसमर्पण करने का फैसला लिया है। मैं प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग करता हूं।”

न्यायालय में किया सरेंडर, जेल भेजा गया

दीपक पांडेय ने प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी रिचा कश्यप के समक्ष आत्मसमर्पण किया। न्यायालय के आदेश पर उसे पुलिस अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया।

डेहरी के एएसपी अतुलेश झा ने आत्मसमर्पण की पुष्टि करते हुए बताया कि दीपक पांडेय के खिलाफ दरीहट थाना में आर्म्स एक्ट का कांड संख्या 78/19 दर्ज है, जिसमें न्यायालय से कुर्की का वारंट जारी किया गया था।

एएसपी अतुलेश झा ने कहा,
“भोजपुर के कुख्यात अपराधी दीपक पांडेय के आत्मसमर्पण की सूचना मिली है। दरीहट थाने में उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज है, जिसमें न्यायालय से कुर्की का आदेश जारी किया गया था। पुलिस की लगातार कार्रवाई के दबाव में उसने सरेंडर किया है।”

अपराध नियंत्रण की दिशा में अहम कदम

पुलिस का कहना है कि दीपक पांडेय लंबे समय से कानून से बचता फिर रहा था। उस पर इनाम घोषित होने के बावजूद वह फरार था, लेकिन लगातार दबिश, निगरानी और कुर्की की कार्रवाई ने उसे आत्मसमर्पण के लिए मजबूर कर दिया।

यह आत्मसमर्पण भोजपुर और रोहतास क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ पुलिस की सख्त कार्रवाई का संकेत माना जा रहा है। पुलिस का दावा है कि इससे क्षेत्र में अपराधियों का मनोबल टूटेगा और कानून व्यवस्था मजबूत होगी।


 

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