बिहार की राजनीति में इन दिनों इफ्तार पार्टियों के जरिए सियासी समीकरण साधने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान द्वारा आयोजित इफ्तार पार्टी में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान तेजस्वी यादव ने कहा कि वे अख्तरुल ईमान के निमंत्रण पर इस इफ्तार में पहुंचे हैं।
इस दौरान तेजस्वी यादव ने राज्यसभा चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक संकेत भी दिया। उन्होंने बताया कि आगामी राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर उनकी पार्टी ने आधिकारिक तौर पर एआईएमआईएम से समर्थन की मांग की है। तेजस्वी ने कहा कि इस चुनाव में धर्मनिरपेक्ष दलों की एकजुटता बेहद जरूरी है और उन्हें उम्मीद है कि सभी सेक्युलर ताकतें एक मंच पर आकर भाजपा को कड़ी चुनौती देंगी।
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी बताया कि चुनाव को लेकर विभिन्न दलों के साथ बातचीत जारी है और एक साझा रणनीति बनाने पर काम किया जा रहा है। उनका दावा है कि उनकी पार्टी के अलावा कई अन्य दलों के विधायक भी संपर्क में हैं, जिसका असर मतदान के समय देखने को मिलेगा।
इसी इफ्तार कार्यक्रम में महागठबंधन के राज्यसभा प्रत्याशी अमरेंद्र धारी सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने अपनी जीत को लेकर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि उनकी जीत “16 आना” तय है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने दावा किया कि उनके पक्ष में लगभग 41 विधायकों का मजबूत समर्थन है, जो उन्हें राज्यसभा तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त है।
अमरेंद्र धारी सिंह ने सभी सेक्युलर दलों के विधायकों से अपील करते हुए कहा कि लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए वे अपने विवेक और अंतरात्मा की आवाज पर मतदान करें। उन्होंने उम्मीद जताई कि जो दल विधानसभा में उनके साथ खड़े रहे हैं, उनका समर्थन चुनाव में भी बना रहेगा।
अख्तरुल ईमान की यह इफ्तार पार्टी महज एक धार्मिक आयोजन नहीं रही, बल्कि राज्यसभा चुनाव से पहले एक बड़े राजनीतिक मंच के रूप में देखी जा रही है। आरजेडी और एआईएमआईएम के बीच बढ़ती नजदीकियां बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की ओर इशारा कर रही हैं। अब सभी की नजरें मतदान के दिन पर टिकी हैं कि क्या तेजस्वी यादव सेक्युलर दलों को एकजुट करने में सफल होते हैं या भाजपा अपनी रणनीति से बाजी मार लेती है।


