
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान के दौरान केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का बुर्का पहचान सत्यापन को लेकर दिया गया बयान विवादों में आ गया है। लखीसराय के बड़हिया में वोट डालने पहुंचे गिरिराज सिंह ने कहा कि फर्जी मतदान रोकने के लिए आवश्यक होने पर “बुर्का उठाना ही पड़ेगा”। उन्होंने साफ कहा कि यह राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि चुनाव आयोग के नियमों का पालन है।
गिरिराज सिंह बोले — “हवाई अड्डे, आधार कार्ड में बुर्का उठता है, तो यहां क्यों नहीं?”
गिरिराज सिंह ने कहा:
“हम चुनाव आयोग के नियम से चल रहे हैं। हवाई अड्डे पर बुर्का उठता है, आधार बनवाते समय बुर्का उठता है, सरकारी योजनाओं का लाभ लेते समय भी पहचान दिखाई जाती है। फिर मतदान के समय आपत्ति क्यों?”
उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर फर्जी मतदान की कोशिश हुई, और ऐसी स्थिति में पहचान की पुष्टि ज़रूरी है।
चुनाव आयोग ने बुर्का पहने मतदाताओं की पहचान सत्यापन के लिए प्रत्येक बूथ पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता तैनात की थीं।
सिवान में हुआ हंगामा, मुस्लिम समुदाय हुआ आक्रोशित
पहले चरण के मतदान के दौरान सिवान के गोरियाकोठी विधानसभा क्षेत्र में विवाद उत्पन्न हो गया।
एनडीए प्रत्याशी देवेशकांत सिंह जब बूथ संख्या 349/350 पर पहुंचे, तो महिलाओं की पहचान जांच के मुद्दे पर कुछ समुदाय के लोग नाराज़ हो गए और हंगामा शुरू हो गया।
हालांकि प्रशासन ने स्थिति को तुरंत नियंत्रित कर लिया।
दरभंगा में कड़े नियमों के साथ पहचान सत्यापन
दरभंगा के मध्य विद्यालय जिरात के मतदान केंद्र 140, 141 और 142 में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने बुर्का पहनी महिलाओं की पहचान सत्यापित की।
पहचान मिलान प्रक्रिया:
- मोबाइल फोन बाहर रखना
- चेहरा दिखाना
- वोटर लिस्ट में नाम और नंबर मिलाना
- इसके बाद ही मतदान
इस व्यवस्था के प्रति अधिकांश महिला मतदाता संतुष्ट दिखीं।
मुस्लिम महिला मतदाताओं ने कहा — “यह सही नियम है, वोट चोरी रुकेगी”
मतदाता रेहाना खातून ने ANI से कहा:
“यह नियम वोट चोरी रोकने में मदद करेगा। हमें पहचान दिखाने में कोई दिक्कत नहीं हुई।”
मतदान केंद्र पर मौजूद चुनाव आयोग की अधिकारी तरन्नुब अंसारी ने भी कहा कि:
- “चेहरा पहचानना ज़रूरी है ताकि कोई किसी और के नाम पर वोट न डाल सके।”
- “जांच सिर्फ महिलाएं ही महिलाओं की करती हैं।”
- “वोट चोरी रोकने में यह नियम बहुत प्रभावी है।”
एक अन्य अधिकारी शाहिना परवीन ने भी प्रक्रिया को सही और सुरक्षित बताया।
दरभंगा सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला
इस सीट पर मुकाबला इनके बीच है:
- भाजपा के संजय सरावगी
- वीआईपी के उमेश सहनी
- जन सुराज के राकेश कुमार मिश्रा
मतदान 6 नवंबर को शांतिपूर्वक सम्पन्न हुआ।
पिछले चुनाव का संदर्भ
2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में:
- NDA ने 125 सीटें जीतीं
- महागठबंधन ने 110 सीटें
- जदयू: 43 सीट
- भाजपा: 74 सीट
- राजद: 75 सीट
- कांग्रेस: 19 सीट


