‘यदि ग्रामीण इलाकों में नहीं पढ़ाना तो रिजाइन दें …. ‘, टीचर के सवाल पर गर्म हुए पाठक, कहा … गांव के सरकारी स्कूल को बनाए प्राइवेट जैसा

BEGUSARAI : बिहार में जबसे शिक्षा विभाग की कमान के के पाठक ने अपने कंधो पर ली है तबसे वो आए दिन कोई न कोई नया फरमान जारी करते रहते हैं। इतना ही नहीं पाठक अचानक से स्कूल, कॉलेज का निरिक्षण करने भी पहुंच जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब के के पाठक अचानक से बेगूसराय से स्कूल में पहुंच गए और टीचरों की जमकर क्लास लगाई और कई टीचरों को नौकरी से रिजाइन देने की बात भी कही।

दरअसल, के के पाठक लगातार स्कूलों का निरिक्षण कर रहे हैं और इस दौरान वो जहां भी जिस तरह की कमियां नजर आती है उसे तुरंत दुरुस्त करने की सलाह और आदेश देते हुए भी नजर आते हैं। इसके साथ ही पाठक काम में कोताही बरतने वाले टीचरों को लेकर कड़ा निर्देश देते है रहते हैं। इसी कड़ी में अब वो बेगूसराय पहुंचे, जहां टीचरों को ग्रामीण इलाकों में नौकरी नहीं करने की बात पर रिजाइन देने की बात कह डाली है।

केके पाठक ने शिक्षकों को कहा कि- यदि आप ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं पढ़ सकते हैं तो यह नौकरी आपके लिए नहीं है।आप अभी रिजाइन कर दें। इस दौरान के के के पाठक ने पहले यह पूछा कि- क्या आप नियोजित शिक्षक हैं। जिसके बाद शिक्षकों ने कहा कि – नहीं हम परमानेंट शिक्षक है। जिस पर के के पाठक ने कहा कि -अगले 5 साल में हमें सरकारी स्कूल को इस स्तर का चाहिए। जहां लोग अपनी सुरक्षा से अपने बच्चे को पढ़ने भेज सके। प्राइवेट स्कूल का विकल्प सरकारी स्कूल बन सके। ऐसी शिक्षा की हमें उम्मीद है।

उधर, टीचरों के ग्रामीण इलाकों में पढ़ाने का माहौल नहीं मिलने और सुविधा की भी कमी होने के सवालों को लेकर पाठक ने दो टूक अंदाज में कहा कि – आप लोगों ग्रामीण क्षेत्र में ही पढ़ाना है। क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे आपका इंतजार कर रहे हैं। दो दिवसीय दौरे पर बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के के पाठक पहुंचे हैं। जहां गुरुवार की रात शाहपुर डायट ट्रेनिंग सेंटर और बिशनपुर ट्रेनिंग सेंटर पर पहुंचकर नवनियुक्त शिक्षको से संवाद किया। इस दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी शर्मिला राय और डीएम रोशन कुशवाहा भी मौजूद रहे। आज दूसरे दिन के के पाठक जिले के कई विद्यालयों का निरीक्षण कर रहे हैं।

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