
भोजपुर: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर चल रहा विवाद अब एक नए और बेहद संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। महापंचायत से ठीक पहले भरत तिवारी के चचेरे भाई और बिहार पुलिस में कार्यरत जवान आशीष तिवारी ने ऐसा बयान दिया है, जिसने प्रशासनिक महकमे से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मचा दी है।
महापंचायत में हजारों लोगों की मौजूदगी के बीच आशीष तिवारी ने खुले मंच से अपनी पुलिस नौकरी छोड़ने का ऐलान करते हुए कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर भरत तिवारी मामले में न्याय नहीं मिला तो वह भी “दूसरा भरत तिवारी” बनने को तैयार हैं। उनके इस बयान के बाद सभा स्थल पर मौजूद लोगों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए समर्थन जताया।
“जब अपने परिवार को न्याय नहीं मिल रहा तो नौकरी का क्या मतलब?”
सभा को संबोधित करते हुए आशीष तिवारी ने कहा कि वह बिहार पुलिस में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन जब उनके अपने परिवार को न्याय नहीं मिल रहा है तो ऐसी नौकरी का कोई औचित्य नहीं रह जाता।
उन्होंने कहा,
“आज से मैं अपनी पुलिस की नौकरी छोड़ रहा हूं। अब न्याय की लड़ाई सड़क से लेकर हर मंच तक लड़ी जाएगी।”
उनके इस ऐलान के बाद महापंचायत में मौजूद लोगों के बीच भावनात्मक माहौल देखने को मिला। कई लोगों की आंखें नम हो गईं, जबकि बड़ी संख्या में लोगों ने न्याय की मांग को लेकर आवाज बुलंद की।
भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर लगातार बढ़ रहा आक्रोश
गौरतलब है कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर पिछले कई दिनों से लगातार विवाद बना हुआ है। परिजनों और समर्थकों का आरोप है कि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हो रही है और कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब अब तक नहीं मिले हैं।
हाल के दिनों में इस मामले में कुछ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने और विभागीय कार्रवाई होने के बाद भी परिजन न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं।
आंदोलन को मिल सकती है नई दिशा
राजनीतिक और सामाजिक विश्लेषकों का मानना है कि आशीष तिवारी का यह बयान आंदोलन को नई दिशा दे सकता है। एक तरफ वह खुद पुलिस विभाग का हिस्सा रहे हैं, दूसरी तरफ अपने ही परिवार के लिए न्याय की मांग को लेकर खुलकर सामने आए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन और अधिक व्यापक रूप ले सकता है।
महापंचायत में उठी उच्चस्तरीय जांच की मांग
महापंचायत के दौरान कई वक्ताओं ने मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग दोहराई।
सभा में मौजूद लोगों ने कहा कि जब तक सच्चाई सामने नहीं आती और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासन की ओर से नहीं आई प्रतिक्रिया
आशीष तिवारी के इस्तीफे और बयान के बाद पूरे इलाके में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। हालांकि अब तक प्रशासन या सरकार की ओर से उनके बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है मामला
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भरत तिवारी प्रकरण अब केवल एक पुलिस कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया है। यह मामला धीरे-धीरे सामाजिक और राजनीतिक मुद्दे का रूप लेता जा रहा है।
आने वाले दिनों में महापंचायत के फैसलों, प्रशासन की कार्रवाई और जांच रिपोर्ट पर पूरे बिहार की नजर टिकी रहेगी।
फिलहाल आशीष तिवारी का नौकरी छोड़ने का ऐलान और “दूसरा भरत तिवारी” बनने संबंधी बयान पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि सरकार और प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं।


