सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली टीम इंडिया सुपर-8 के अपने दूसरे मुकाबले में 26 फरवरी को चेन्नई के M. A. Chidambaram Stadium (चेपॉक) में जिम्बाब्वे से भिड़ेगी। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहले मैच में मिली हार के बाद भारत के लिए यह मुकाबला ‘करो या मरो’ जैसा हो गया है। सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए जीत बेहद जरूरी है।
चेपॉक की नई पिच से भारत को राहत?
अब तक टूर्नामेंट में भारतीय बल्लेबाजों को मुश्किल पिचें मिलीं, जहां बड़े शॉट खेलना आसान नहीं रहा। आमतौर पर चेपॉक की सतह धीमी मानी जाती है, जिससे स्पिनर्स को मदद मिलती है। ऐसे में सिकंदर रज़ा और ब्लेसिंग मुजारबानी जैसे जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को फायदा मिलने की उम्मीद थी।
हालांकि रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार चेन्नई की पिच का मिजाज बदला हुआ है। वर्ल्ड कप से पहले पिच को तैयार करने के लिए लंबा ब्रेक दिया गया। करीब पांच महीने तक यहां कोई मैच नहीं खेला गया, जिससे सतह ताजा बनी रही।
कैसी है मौजूदा पिच?
इस टूर्नामेंट में चेपॉक पर लाल और काली मिट्टी वाली पिचों पर गेंद बेहतर तरीके से बल्ले पर आई है। अफगानिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए मैच में 180+ का स्कोर बना और सफल चेज भी हुआ। अन्य मुकाबलों में भी 175-200 के आसपास के स्कोर देखने को मिले हैं।
दिलचस्प बात यह है कि इस बार पिच पर न तो अत्यधिक टर्न दिखा और न ही गेंद ज्यादा रुकी। पेसर्स को भी अच्छी मदद मिली है। दिन-रात के मुकाबलों में 190+ स्कोर डिफेंड होते दिखे हैं, जिससे पहले बल्लेबाजी करना फायदेमंद विकल्प बन सकता है।
भारत की रणनीति क्या हो?
भारतीय टीम के पास मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप है, लेकिन उन्हें तेज शुरुआत की जरूरत होगी। स्पिन और मिडिल ओवर्स में रन गति बनाए रखना अहम होगा। गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह और कुलदीप यादव जैसे खिलाड़ी मैच का रुख बदल सकते हैं।
जिम्बाब्वे के लिए 180 का स्कोर प्रतिस्पर्धी हो सकता है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियां बताती हैं कि इससे ज्यादा रन की जरूरत पड़ सकती है।
दोनों टीमों के स्क्वॉड
भारत: सूर्यकुमार यादव (कप्तान), ईशान किशन, अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, रिंकू सिंह, वाशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, संजू सैमसन, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल।
जिम्बाब्वे: सिकंदर रज़ा (कप्तान), ब्रायन बेनेट, रयान बर्ल, ग्रीम क्रेमर, बेन कुरेन, ब्रैड इवांस, क्लाइव मदांडे, टिनोटेंडा मापोसा, तादिवानाशे मारुमानी, डायोन मायर्स, वेलिंगटन मसाकाद्जा, टोनी मुनयोंगा, ताशिंगा मुसेकिवा, ब्लेसिंग मुजाराबानी, रिचर्ड नगारवा।
अब देखना दिलचस्प होगा कि चेपॉक की बदली हुई पिच पर टीम इंडिया अपनी किस्मत बदल पाती है या नहीं।


