वॉशिंगटन/पटना | 26 फरवरी, 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ (SOTU) संबोधन में एक बार फिर अपनी ‘पीसमेकर’ वाली छवि को पूरी दुनिया के सामने रखा है। 100 मिनट से अधिक लंबे अपने भाषण में ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच एक ऐसा संभावित परमाणु युद्ध रुकवाया, जिसमें करोड़ों लोगों की जान जा सकती थी। दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप ने यह दावा 100वीं बार दोहराया है।
“शहबाज शरीफ ने मुझसे कहा था…”
ट्रंप ने अपने संबोधन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ हुई बातचीत का हवाला देते हुए चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए:
- 3.5 करोड़ मौतें: ट्रंप के अनुसार, पाकिस्तानी पीएम ने उनसे स्वीकार किया था कि अगर अमेरिका बीच में हस्तक्षेप नहीं करता, तो भारत-पाक संघर्ष में कम से कम 3.5 करोड़ लोग मारे गए होते।
- परमाणु युद्ध का खतरा: ट्रंप ने दावा किया कि दोनों दक्षिण एशियाई पड़ोसियों के बीच तनाव परमाणु युद्ध में तब्दील होने के कगार पर था, जिसे उन्होंने अपनी कूटनीति से रोका।
10 महीनों में 8 युद्ध रुकवाने का ‘विश्व रिकॉर्ड’
राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद को दुनिया का सबसे बड़ा शांति दूत बताते हुए दावा किया कि उन्होंने पिछले 10 महीनों के कार्यकाल में 8 अंतरराष्ट्रीय युद्धों को शांत कराया है। ट्रंप के अनुसार, इन क्षेत्रों में अब हिंसा बहुत निम्न स्तर पर है:
- कंबोडिया और थाईलैंड
- कोसोवो और सर्बिया
- इजरायल और ईरान
- मिस्र और इथियोपिया
- आर्मेनिया और अजरबैजान
- कांगो और रवांडा
- गाजा (फिलिस्तीन)
- भारत और पाकिस्तान (परमाणु तनाव)
यूक्रेन और ईरान: कूटनीति ही पहली पसंद
वैश्विक अशांति के अन्य मुद्दों पर बात करते हुए ट्रंप ने अपनी नीतियों का बचाव किया:
- यूक्रेन-रूस युद्ध: ट्रंप ने कहा कि वह यूक्रेन युद्ध खत्म करने के लिए रूस से बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अगर मैं (पिछले कार्यकाल में) राष्ट्रपति होता, तो यह युद्ध कभी शुरू ही नहीं होता।”
- ईरान का खतरा: ट्रंप ने चेतावनी दी कि ईरान ऐसी मिसाइलें बना रहा है जो अमेरिका तक पहुँच सकती हैं। उन्होंने कहा, “सभी विकल्प मेज पर हैं, लेकिन मेरी पहली पसंद कूटनीतिक समाधान है।”
VOB का नजरिया: ट्रंप के दावों में कितनी हकीकत?
डोनाल्ड ट्रंप का 100वीं बार यह दावा करना कि उन्होंने भारत-पाक युद्ध रुकवाया, उनके ‘अमेरिका फर्स्ट’ और ‘वर्ल्ड पीस’ नैरेटिव का हिस्सा है। हालांकि, भारत और पाकिस्तान की ओर से आधिकारिक तौर पर ‘3.5 करोड़ मौतों’ वाले बयान की कभी पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी, अंतरराष्ट्रीय मंच पर ट्रंप का यह बयान दक्षिण एशिया की भू-राजनीति में अमेरिका के प्रभाव को दिखाने की एक कोशिश मात्र है।
ब्यूरो रिपोर्ट, द वॉयस ऑफ बिहार (VOB)।


