पटना, 15 जुलाई।बिहार सरकार ने सड़क निर्माण के क्षेत्र में हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) को अपनाने का निर्णय लिया है। मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में दो प्रमुख सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जिनकी कुल लागत ₹9960 करोड़ है। ये परियोजनाएं मुंगेर और भागलपुर जिलों में गंगा नदी के किनारे प्रस्तावित गंगा पथ के अंतर्गत बनाई जाएंगी।
परियोजनाओं का विवरण
- मुंगेर (सफियाबाद)–बरियारपुर–घोरघट–सुल्तानगंज (42 किमी)
- स्वीकृत राशि: ₹5119 करोड़
- सुल्तानगंज–भागलपुर–सबौर (40.80 किमी)
- स्वीकृत राशि: ₹4849 करोड़
ये दोनों सड़कें गंगा पथ परियोजना के तहत बनाई जाएंगी और इनके निर्माण में हाइब्रिड एन्युटी मॉडल का प्रयोग किया जाएगा।
क्या है हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM)?
सड़क निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने जानकारी दी कि HAM मॉडल एक सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) आधारित मॉडल है। इसमें:
- सरकार निर्माण के दौरान 40% लागत का भुगतान करती है।
- शेष 60% लागत निजी ठेकेदार द्वारा वहन की जाती है, जो 15 वर्षों में ब्याज सहित चुकाई जाती है।
- परियोजना अवधि 4 वर्षों की होती है, जबकि रख-रखाव और संचालन की जिम्मेदारी ठेकेदार को 15 वर्षों तक निभानी होती है।
- टोल संग्रह का अधिकार सरकार के पास रहता है।
- 15 वर्षों बाद परिसंपत्ति सरकार को लौटा दी जाती है।
उद्देश्य और महत्व
मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि बिहार को विकसित राज्य बनाने की दिशा में सरकार अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार सड़क निर्माण कार्य को अंजाम देना चाहती है। इस दिशा में जेपी गंगा पथ परियोजना एक बड़ा कदम है, जिसकी शुरुआत पटना के दीघा से कोईलवर तक एट ग्रेड और एलिवेटेड रोड निर्माण से हुई है। अब यही मॉडल मुंगेर और भागलपुर में भी अपनाया जा रहा है।
प्रशासनिक उपस्थिति
मंत्रिमंडल की स्वीकृति के मौके पर पथ निर्माण विभाग के सचिव संदीप कुमार आर. पुदकलकट्टी, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के अध्यक्ष शिरसाट कपिल अशोक और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।


